राजगढ़। देश भर में इन दिनों बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद भी अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के राजगढ़ से सामने आया है। जहां एक आरोपी ने अस्पताल में बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश की। उसे पकड़कर बाथरूम ले गया। जब बच्ची ने चीख पुकार मचाई तो परिजन समेत कई लोग इकठ्ठा हो गए। जिसके बाद आरोपी की पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया गया। पूरा मामला देहात थाना क्षेत्र का है।

दरअसल, ब्यावरा सिविल हॉस्पिटल में 8 साल की नाबालिग से दुष्कर्म का प्रयास किया गया है। बच्ची अपनी दादी और पिता के साथ आई थी। इसी अस्पताल में 24 साल का सुरेश वर्मा गर्भवती पत्नी की डिलीवरी कराने पहुंचा था। बच्ची डेढ़ बजे चद्दर लेने के लिए जा रही थी। इस दौरान आरोपी की नजर उस पर पड़ गई। गर्भवती पत्नी की डिलीवरी कराने पहुंचे युवक ने उसे देख लिया। हैवान उसे पकड़कर शौचालय ले गया, जहां उससे दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। बच्ची जोर-जोर से शोर मचाने लगी। जिसे सुनकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी, परिजन समेत भीड़ इकठ्ठा हो गए। लोगों ने आरोपी की जमकर पिटाई कर दी।

दरिंदे के चेहरे पर नहीं कोई शिकन
अस्पताल में बच्ची को हवस का शिकार बनाने की कोशिश करने वाले आरोपी के चेहरे पर कोई शिकन दिखाई नहीं दी। ऐसा लग रहा था, मानों उसे अपनी गलती का कोई पछतावा ही नहीं है। जब भीड़ उसे पीट रही थी, तब भी वह तैश के साथ बोलता रहा- “हाथ मत लगा, थाने चल रहा हूं।

आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी
इस पूरे मामले में राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि बच्ची का मेडिकल टेस्ट भी करवाया जा रहा है। अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने यह काम बहुत अच्छा किया कि चीख सुनने के बाद सभी पहुंचे और आरोपी की धर पकड़ की गई। जानकारी मिलने के बाद डायल 112 की टीम भी पहुंच गई थी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है।
हॉस्पिटल में दरिंदगी कब होगी खत्म, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब बच्चियां इतनी भीड़ वाले अस्पतालों में भी सुरक्षित नहीं है, तो कहां पर रहेंगी? आखिर कब तक उनके साथ हैवानियत की जाएगी?

कल ही सरकार ने सुरक्षा को लेकर दिए थे निर्देश
गौरतलब है कि बीते मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर निर्देश जारी किए थे। डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बिंदुवार आदेश जारी किए थे। जिसमें अस्पताल सुरक्षा समिति और हिंसा रोकथाम समिति का गठन करना शामिल है। दोनों समितियों को स्वास्थ्य संस्थानों में व्यापक सुरक्षा उपाय की योजना बनाने और उन्हें लागू करने का उत्तरदायित्व सौंपाने के लिए कहा गया है।अस्पतालों के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आम जनता और मरीज के रिश्तेदारों के प्रवेश पर सख्ती बरती जाएगी।