नीमच। शहर के शिव घाट शंभू व्यायाम शाला परिसर पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधि द्वारा अमृत प्रकृति वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यशवंत यादव, बलवंत राठौर ,जीतू सोनी और देवेंद्र प्रजापति ने मंत्र ओच्चार के साथ जल सरोवर एवं वृक्ष का पूजन किया।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के विभाग संयोजक यशवंत यादव ने उद्बोधन देते हुए कहा कि पर्यावरण विश्व की गंभीर समस्याओं में से एक है प्राचीन काल में पर्यावरण के प्रति लोगों में बहुत जागृति थी ,भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं अपने आवतार काल में अपने आचरण मे लाकर यमुना नदी से कालिया नाग को परास्त कर अन्यत्र पहुंचा और यमुना नदी का जल स्वच्छ किया ,भागीरथ में लोगों को मोक्ष प्राप्ति एवं जल के अभाव को दूर करने के लिए स्वर्ग से गंगा माता को जमीन पर ले आए। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के जिला संयोजक देवेंद्र प्रजापति ने अपने उद्बोधन में कहा कि अमृत प्रकृति वंधन मंगलवार 27 अगस्त 1730 में वृक्षों को बचाने के लिए आहूत हुए 363 लोगों की स्मृति में बनाया जाता है ,मेवाड़ रियासत के महाराजा अभय सिंह ने नवीन भवन का निर्माण करवा रहे थे, उन भवनों में बड़ी मात्रा में लड़कियों की आवश्यकता पड़ी, महाराजा ने मंत्री को लकड़ी की व्यवस्था करने के लिए कहा ,मंत्री लाव लश्कर और सैनिकों को लेकर लकड़ी की तलाश में चल दिए, जोधपुर से 21 किलोमीटर दूर खेजड़ली गांव में खेजड़ी के विशाल वृक्ष बड़ी मात्रा में दिखे मंत्री ने सैनिकों को इशारा किया सैनिकों ने वृक्ष काटना प्रारंभ किया, आवाज सुन अमृता बिश्नोई व उनकी तीनों पुत्रिया घर से बाहर आ गई और वृक्ष काटने का विरोध किया ,कहा कि वृक्ष हमारे देवता हैं, हम इनकी पूजा करते हैं ,यह हमें प्राणों से भी प्यारे हैं, रक्षाबंधन के अवसर पर हम इन्हें रक्षा सूत्र बांधते हैं, हम इन वृक्षों को नहीं काटने देंगे और पेड़ के ताने से अमृता देवी लिपट गई, मंत्री ने सर सहित पेड़ काट के लाने का सैनिकों को आदेश दिया ,उन्होंने अमृता देवी बिश्नोई का कर कलम कर दिया और पेड़ को काटने लगे, तीनों बेटियां भी वृक्षों को बचाने के लिए पेड़ से जा लिपटी उनका भी सर कलम कर दिया गया, यह घटना देख गांव के लोग पेड़ को बचाने के लिए पेड़ों से जा लीपटे उस दिन 363 लोगों के सर कलम हुए और जब यह घटना राजा को पता चली तो राजा ने राज्या देश जारी किया कि आज के बाद इस रियासत में इस राज्य में खेजड़ी के वृक्षों को नहीं काटा जाएगा ,उस समय की पर्यावरण के प्रति जागृति की यह सबसे मार्मिक घटना थी। वर्तमान में पर्यावरण के प्रति जागृति समाज के लोगों के आचरण का हिस्सा बने पर्यावरण के प्रति लोगों में जागृति आए इसी श्रृंखला में अमृत प्रकृति वंदन का आयोजन किया गया है ।इस अवसर पर तेजू व्यास ,कान्हा सेनी, पप्पू सेनी ,प्रकाश जातीया ,मनीष जटिया, अमित चौहान ,जीतू खेर ,लक्की यादव ,योगेश हरित, यश गोयल ,शिव व्यास ,उपस्थित थे।