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September 24, 2024, 11:29 am
KHABAR : 2100 लीटर दूध से मां गज लक्ष्मी का अभिषेक, अष्टमी पर्व पर बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु, दो हजार साल पुरानी है प्रतिमा, पढे़ खबर 

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उज्जैन। नई पेठ स्थित प्राचीन गज लक्ष्मी मंदिर में मंगलवार को श्राद्ध पक्ष की अष्टमी तिथि मनाई जाने की परंपरा है। जिसमें आज 2100 लीटर दूध से माँ गज लक्ष्मी का अभिषेक किया गया। यह क्रम दोपहर तक जारी रहेगा। हाथी अष्टमी पर्व के रूप में मनाई जाने के अवसर पर घरों में महिलाएं महालक्ष्मी का पूजन कर मंदिर में भी दूध चढ़ाने पहुंच रही हैं।


मंदिर के पुजारी अवधेश शर्मा ने बताया कि सुबह 9 बजे 11 तक मंत्रोच्चार के साथ देवी लक्ष्मी का 2100 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। माँ लक्ष्मी की प्रतिमा पर दूध की सहस्त्र धारा चढ़ती रही। श्रद्धालु अपने हाथों से माँ लक्ष्मी का दूध से अभिषेक करने मंदिर पहुंचे थे। दोपहर में श्रृंगार होगा और 12 बजे महाआरती होगी। शाम को मंदिर में शाम को 5 से 9 बजे तक भजन किए जाएंगे। रात में खीर प्रसादी वितरित की जाएगी।


घरों में लक्ष्मी माता का स्थायी वास होता है
मान्यता है कि हाथी अष्टमी पर मां लक्ष्मी का पूजन करने से रूठी हुई लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं। वहीं दिवंगत पूर्वज भी परिवार को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यह 16 दिन का व्रत होता है। राधा अष्टमी से प्रारंभ होकर हाथी अष्टमी पर पूर्ण होता है। इसी दिन मां लक्ष्मी का दूध से अभिषेक किया जाता है। वहीं घरों में भी महिलाएं व्रत रखकर शाम के समय मिट्टी के हाथी की पूजा करती है। राधा अष्टमी से प्रारंभ होकर हाथी अष्टमी पर पूर्ण किया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन माँ लक्ष्मी का पूजन करने से घरों में लक्ष्मी माता का स्थायी वास होता है।


दो हजार साल पुरानी दुर्लभ प्रतिमा
मान्यता है कि माता गज लक्ष्मी की प्रतिमा एक ही पाषाण पर निर्मित स्फटिक से बनी दो हजार साल पुरानी है। मां गजलक्ष्मी की यह प्रतिमा ऐरावत हाथी पर सवार होकर पद्मासन मुद्रा में है। इसे सम्राट विक्रमादित्य के समय का बताया जाता है। इसके साथ ही यहां विष्णु के दशावतार की काले पाषाण पर निर्मित अद्भुत प्रतिमा भी मौजूद है।

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