चीताखेड़ा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीणों में वर्ष 2025 तक प्रदेश के ग्रामों को कचरे और कीचड़ से मुक्ति दिलाने हेतु केंद्र और प्रदेश की सरकार एवं प्रशासनिक अमले स्कूलों के विद्यार्थीयों द्वारा रैली निकालना, टीवी-अखबारों में बड़े बड़े विज्ञापन, बड़े बड़े होर्डिंग्स लगाए गए और लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर जनता को जागरूक करने के लिए कई हथकंडे अपनाए गए हैं। अब प्रधानमंत्री के जन्म दिवस पर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीणों में अभिनय चलाया जा रहा है। इस अभियान में अधिकारियों और नेताओं में हाथों में झाड़ू लेकर फोटो खिचवाने की होंडा होड़ मची हुई है। यह अभियान सिर्फ फोटो तक ही सिमट कर रह गया है। कैसा स्वछता अभियान कैसी सफाई सब ढकोसला बनकर रह गया है। कचरा और गंदगी ज्यों कि त्यों बनी हुई है। फोटो खिंचवाने के बाद कोई पलटकर नहीं देखता।
इस अभियान का जीता जागता उदाहरण देखना है तो आवरी माताजी मंदिर पर प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है। विगत 17 सितंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर जनपद पंचायत सीईओ राजेन्द्र पालनपुरे के सानिध्य में आवरी माताजी मंदिर पर सम्पन्न हुआ। जहां जनपद पंचायत अध्यक्ष शारदा देवी धनगर, जनपद पंचायत सीईओ राजेन्द्र पालनपुरे, दक्षिण मंडल अध्यक्ष मधुसूदन राजोरा, स्वास्थ्य सभापति रतनलाल मालावत, मंडल महामंत्री किशन अहिरवार, स्वच्छ भारत अभियान ब्लॉक कोडीनेटर प्रवीण सहित कई अन्य वरिष्ठ जन मौजूद थे। स्वच्छता अभियान में सभी ने हाथों में झाड़ू लेकर फोटो खिंचवाया। फोटो खिंचवाने के बाद किसी ने भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज भी गंदगी ज्यों कि त्यों बनी हुई है। आगामी दिवस 3 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो रही है। कोई सफाई नहीं चारों ओर कचरे गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यह अभियान सिर्फ चायना माडल बनकर रह गया है।