मुरैना। श्री मोरवीनंद भक्त मंडल द्वारा चतुर्थ श्रीश्याम गुणगान महोत्सव बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। आयोजन की शुरुआत भव्य निशान यात्रा के साथ हुई। निशान यात्रा में खाटू श्याम की झांकी के साथ पीले रंगों के ध्वज और खाटू श्याम के निशान के साथ सैकड़ों समर्थक बिहारीजी मंदिर से निकले। यह निशान यात्रा मुख्य बाजार, एमएस रोड होते हुए अग्रसेन पार्क में जाकर सम्पन्न हुई, जहां देर शाम से श्री श्याम गुणगान महोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें दूर-दूर से आए गायकों ने खाटू श्याम के भजनों से ऐसा समां बांधा कि, देर रात तक पूरा परिसर खाटू श्याम के जयकारों से गूंजता रहा।
लगातार चौथे साल हुए श्रीश्याम गुणगान महोत्सव के लिए जीवाजीगंज के पार्क में भव्य खाटूश्याम दरबार सजाया गया।फतेहाद से आईं गायिका परविंदर पलक ने, मैं निर्धन तू सेठ सांवरा के फायदा इस यारी का, बता कद ताला खोलेगा बाबा बंद किस्म म्हारी का... भजन गाया तो श्रोता हाथ उठाकर तालियां बजाते हुए झूमने लगे। ग्वालियर के भजन गायक कान्हा व्यास ने माइक संभाला और अपने प्रसिद्ध गीत दर-दर भटकने वाले बाबा से दिल लगा ले, जीवन भी तू अपने कर श्याम के हवाले.. गाया। कोलकाता से आए गायक कलाकार भाई शुभम-रूपम ने पहले जाके सिर पे हाथ म्हारे श्याम धणी को हौवे है, बाको बाल न बाकों होवे है... भजन गाया, फिर कीर्तन की है रात, बाबा आज थाको आनो है... गाया तो लोग अपनी जगह से खड़े होकर खाटू श्याम के जयकारे लगाने लगे। भजनों का आयोजन देर रात तक चलता रहा।खाटूश्याम दरबार की सजावट हरियाणा के जींद से आए डेकेरटरों ने की।