कृष्णगिरी। कृष्णगिरी के धाम रहमत बरसे है.., कृष्णगिरी वाली कैसा जादू किया क्या-क्या बतलाऊं मैया क्या-क्या दिया..., तेरी हाथों की लकीर बदलेगी आज तेरी तकदीर बदलेगी तू कृष्णगिरी आ के देखले... सरीखे अनेक सुरीले कर्णप्रिय भजनों की श्रृंखला यहां जगत जननी देवी मां पद्मावतीजी के समक्ष गूंजायमान हो रही थी, अवसर था कतारबद्ध होकर हजारों श्रद्धालु भक्तों द्वारा मां की अति दिव्य प्रतिमा का केसर युक्त दुग्ध अभिषेक के अद्भुत कार्यक्रम का। नूतन वर्ष के उपलक्ष्य में त्रिदिवस के भक्ति महोत्सव के व्यापक स्तर के धार्मिक, आध्यात्मिक, सद्भाव एवं सनातनी श्रद्धा प्रगाढ़ करने वाले इस आयोजन में दिव्य सानिध्यता प्रदान कर रहे हैं शक्तिपीठाधीपति, राष्ट्रसंत, परम पूज्य गुरुदेव श्री वसंत विजय जी महाराज। विश्व विख्यात श्री पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम के तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस महोत्सव में विभिन्न पांच सत्रों में क्रमशः प्रातः मां की चमत्कारिक प्रतिमा का दुग्ध अभिषेक, साधना कक्ष में अनेक बीज मंत्रों का पूज्य गुरुदेव की निश्रा में सामूहिक जाप उच्चारण, कथा पंडाल में प्रवचन सभा एवं शाम से देर रात्रि तक हवन यज्ञ में आहुतियां तथा भजन संध्या, पांच दीपों से सामूहिक महाआरती शामिल रहे। पौष वदी सोमवती अमावस्या के उपलक्ष में दिवस विशेष पर तीर्थ धाम में पहले दिन मां की भक्ति, पूजा, आराधना को समस्त श्रद्धालुओं के लिए सर्वाेत्तम पुण्य दाई बताते हुए पूज्य गुरुदेव श्री ने कहा कि आज तीर्थ धाम में उपस्थित सभी गुरु भक्तों के दुख, कष्ट मां के चरणों में वंदन मात्र से मिटेंगे, यही नहीं नव वर्ष में आप सभी लोग नए सपनों को साकार करने की उड़ान भरकर ही अपने गंतव्य घरों को प्रस्थान करेंगे। इस दौरान मां की कृपा से अनेक श्रद्धालुओं ने अपने अपने विविध क्षेत्रों में मिले चमत्कारिक प्रसंगों का उल्लेख भी किया। संतश्रीजी ने इस दौरान कहा कि पूरे ब्रह्मांड में ऐसा तीर्थ धाम नहीं मिलेगा जहां अनेक वर्षों से 40 अखंड घी के दीप प्रज्वलित हैं। श्री सहस्त्रफना शक्ति पार्श्वनाथ भगवान एवं पाताल लोक की नागरानी त्रिशक्ति के रुप में मां पद्मावतीजी स्वयं विराजित रहकर वर्षों से लाखों भक्तों के हर प्रकार से दुख संकट मिटा रही है तथा सुख, वैभव, यश, कीर्ति, आरोग्य, संतान तथा समृद्धि प्रदान कर रही है। अमेरिका, दुबई, जापान, नेपाल, मलेशिया, सहित अनेक देशों और भारत के कश्मीर से कन्याकुमारी तक लगभग सभी राज्यों से आए हर वर्ग स्तर के श्रद्धालु भक्तों से अपने प्रेरणादाई संदेश में राष्ट्र संत, सर्वधर्म दिवाकर श्री वसंत विजय जी महाराज ने कहा कि व्यक्ति को कभी किसी उपकारी का उपकार नहीं भूलना चाहिए, वे बोले मां की भक्ति पूर्ण श्रद्धा, विश्वास, समर्पण से करने पर वह चमत्कारिक कृपा तो बरसाती ही है। श्रद्धावन भाग्यशालियों को स्वप्न में अथवा नागदेव के रूप में साक्षात दर्शन भी देती है।
उन्होंने कहा कि मां के सामने भीख नहीं मांगे, बल्कि सच्ची भक्ति समर्पित करें। उसे अपना बना लें वह स्वयं भी आपको अपना मानकर निश्चित ही आपके साथ रहते हुए अनेक अनहोनियों को दूर करेगी व मनोकामनाएं पूरी करेगी।
तीर्थ धाम के संकेश छाजेड़ ने बताया कि 1 जनवरी को पूज्य गुरुदेवश्री द्वारा भव्याति भव्य गुरुदीक्षा कार्यक्रम भी होगा। वैश्विक स्तर पर इस गुरु दीक्षा आयोजन में ऑन लाइन यू ट्यूब चौनल थॉट योगा से बुधवार को दोपहर 3 बजे से जुड़कर देश और दुनिया के श्रद्धालु गुरुभक्त भी लाभांवित हों सकेंगे। इस संबंध में किसी भी जानकारी के लिए मोबाइल 9051390513 से संपर्क किया जा सकता है।