नीमच। मप्र शासन व्दारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए संचालित भगवान बिरसामुण्डा स्वरोजगार योजना नीमच जिले के ग्राम भादवामाता के जगदीश पिता परसराम भील को स्वरोजगार उपलब्ध करवाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में काफी मददगार सिद्ध हुई है।
भादवामाता निवासी अनुसूचित जनजाति के जगदीश को समाचार पत्रों के माध्यम से उक्त स्वरोजगार योजना के बारे में बता चला, तो उसने जनजातीय कार्य विभाग के जिला कार्यालय नीमच से संपर्क कर, इस योजना के तहत आवेदन किया। जगदीश को यूको बैंक की सावन शाखा से भादवामाता में खिलौना दुकान स्थापित करने के लिए 65 हजार रूपये का ऋण मिला। इससे जगदीश भील अपने गांव भादवामाता में खिलौनों की दुकान संचालित करने लगा, इससे उसे प्रतिमाह लगभग 12 हजार रूपये की आमदनी हो रही है। जगदीश, भगवान बिरसामुण्डा स्वरोजगार योजना का लाभ मिलने पर प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को धन्यवाद दे रहा है।