उज्जैन। तिब्बत पर चीन के बढ़ते वर्चस्व को रोकने एवं तिब्बत की स्वतंत्रता के उद्देश्य से 22 नवंबर को 11 बाइकर्स तवांग से भारत यात्रा पर निकले है। यह बाइकर्स भारत-तिब्बत मैत्री संघ एवं भारत सरकार से तिब्बत की स्वतंत्रता के लिए सहायता मांगने के उद्देश्य से संपूर्ण भारतवर्ष में भ्रमण कर रहे हैं।
शुक्रवार को 11 बाइकर्स के उज्जैन पहुंचने पर आगर रोड स्थित तिब्बती वूलन मार्केट में सामाजिक संगठन द्वारा उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर मुकेश टटवाल, पूर्व नगर निगम सभापति प्रकाश चित्तौडा, संस्कार भारती के संजय शर्मा उपस्थित रहे।
इस दौरान भारत रक्षा मंच, सिंध दर्शन यात्रा समिति, यूथ होस्टल्स एसोसिएशन द्वारा बाइकर्स का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया। मध्य प्रदेश से प्रस्थान कर यह रैली महाराष्ट्र पहुंचेगी। यात्रा 22 नवंबर को भारत-तिब्बत सीमा अरूणाचल प्रदेश में स्थित तवांग से प्रारंभ हुई है। सभी बाइकर्स भारत के 20 से ज्यादा राज्यों की करीब 20 हजार किलोमीटर की यात्रा करेंगे।
यात्रा का उद्देश्य तिब्बत की आजादी, भारत की सुरक्षा
भारत-तिब्बत युवा मैत्री संघ के अध्यक्ष गुम्बू तुंतू ने बताया कि यात्रा का संदेश है कि तिब्बत की आजादी, भारत की सुरक्षा, कैलाश मानसरोवर की मुक्ति है। पहले तिब्बत स्वतंत्र देश था, लेकिन 1959 में चीन ने कब्जा कर लिया था। आज तिब्बत के अंदर की स्थिति गंभीर है।
चायना तिब्बत की धर्म, परंपरा को मिटाने का प्रयास कर रहा है। भारत सरकार ने कठिन समय में तिब्बत का सहयोग किया था। भारत तिब्बत को लेकर एक नीति बनाएं। चायना ने कब्जा कर तिब्बत के पर्यावरण को नष्ट कर रहा है। आने वाले समय में तिब्बत, भारत व पूरे विश्व के लिए खतरा हो सकता है। यात्रा में 11 बाइकर्स, भारत-तिब्बत मैत्री संघ से तीन सदस्य औए एक मैकेनिक सहित कुल मिलाकर 15 लोग यात्रा में शामिल है। यात्रा का समापन दिल्ली में 22 जनवरी को होगा।