इंदौर। किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान देवी अहिल्याबाई फल और सब्जी मंडी में लहसुन की ऐच्छिक मंडी जल्द शुरू करने की मांग की है।
किसानों ने कहा- हमने एक साल तक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी है। सुप्रीम कोर्ट ने 3 जनवरी को ऐच्छिक मंडी के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया था।
कोर्ट ने आदेश दिया कि मंडी के नियमों में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में रखा जाएगा और किसान अपनी उपज को सरकारी नीलामी या सीधे व्यापारियों को बेचने के लिए स्वतंत्र हैं।
बिजलपुर के किसान कैलाश मुकाती और बाबूलाल चौधरी ने बताया कि पिछले 9 सालों से ऐच्छिक व्यवस्था से लहसुन की बिक्री सफलतापूर्वक चल रही थी। इस व्यवस्था में आढ़तियों के बीच प्रतिस्पर्धा होने से किसानों को बेहतर मूल्य मिलता है। साथ ही, उपज की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी आढ़तियों की होती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।