रतलाम। आलोट में वेयरहाउस संचालक आरडी शर्मा की आत्महत्या मामले में इंदौर हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजीव खालविकार ने मुख्य आरोपी मनोज काला की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
15 दिसंबर को हुई इस घटना में आरडी शर्मा ने मनोज काला और राजेश परमार की ओर से किए गए कथित उत्पीड़न के कारण आत्महत्या कर ली थी। मृतक ने अपने सुसाइड नोट में स्पष्ट किया था कि दोनों वेयरहाउस संचालकों ने उनके गोदाम से स्कंद को गायब कर दिया था, जिससे वह एक वर्ष से मानसिक तनाव में थे। आलोट पुलिस ने इस मामले में दोनों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज किया था।
सह आरोपी परमार को मिली चुकी है जमानत
मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सह-आरोपी राजेश परमार को 10 जनवरी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि परमार की जमानत याचिका के समय वेयरहाउस कॉरपोरेशन की वह महत्वपूर्ण रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत नहीं की गई थी, जिसमें स्कंद के गायब होने का विवरण था।
मृतक के भतीजे सचिन शर्मा का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में विफल रही है। मनोज काला को पहले आलोट न्यायालय से जमानत नहीं मिली थी और अब हाईकोर्ट ने भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। घटना के 42 दिन बाद भी मनोज काला कानून की पकड़ से दूर है।