भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में इस बार माननीय की उदासीनता दिखाई दी। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री सहित 31 विधायकों ने एक भी सवाल नहीं पूछा। वहीं 15 ऐसे विधायक थे जिन्होंने किसी भी चर्चा में भाग नहीं लिया।
एमपी विधानसभा बजट सत्र की कार्यवाही 24 मार्च सोमवार को अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दी गई। 10 मार्च से शुरू हुए बजट सत्र में कुल 9 बैठकें हुई। इस बार सदन में माननीयों की उदासीनता देखने को मिली। बजट सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री सहित 31 विधायकों ने एक भी सवाल नहीं पूछा। 15 विधायकों ने किसी भी चर्चा में भाग नहीं लिया।
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सबसे ज्यादा 32 सवाल पूछकर टॉप पर रहे। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने भी 32 साल पूछकर सेकंड टॉपर बने। विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने 30 सवाल पूछे और बीजेपी की तरफ से टॉपर बने।
आपको बता दें कि एमपी विधानसभा में 11 मार्च को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया। 12 मार्च को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ का बजट पेश किया है। जो 78 हजार 902 करोड़ घाटे का बजट है। आखिरी दिन सदन में सीएम डॉ मोहन ने कहा था कि बजट सत्र के समापन पर अधिकांश मंत्री और विधायक मौजूद रहे यह एक अच्छी परंपरा है। हम विरासत को विकास की ओर ले जाने का प्रयास कर रहे है। 4 लाख करोड़ से अधिक का बजट पहली बार देखने को मिला। आने वाले 5 सालों में इस बजट को दोगुना किया जाएगा।