नीमच। मालवा के नीमच में आज शनिवार से अफीम उत्सव शुरू हो चुका है। कार्यालय जिला अफीम अधिकारी नीमच प्रथम खंड द्वारा कनावटी रोड स्थित आम्रपाली रेस्टोरेंट पर नीमच और जावद तहसील के किसानों की अफीम के तौल के लिए केंद्र बनाया गया है। यहां 29 मार्च से 4 अप्रैल तक विभागीय प्रक्रिया के अंतर्गत गम अफीम का तौल करवाया जाएगा। तौल केंद्र पर किसानों के लिए गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
तौल केंद्र पर किसानों के जुटाई व्यवस्था-
कनावटी रोड स्थित आम्रपाली रेस्टोरेंट पर बनाए गए तौल केंद्र में अफीम किसानों के लिए कूलर, पंखे, ठंडे पानी और टैंट आदि के समुचित प्रबंध किए गए हैं। अफीम की सुरक्षा के लिए विभागीय अधिकारी, पुलिस दल और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। किसान भी केंद्र पर की गई व्यवस्था से संतुष्ठ दिखाई दिए।
30 गांव के 275 किसानों की अफीम का तौल-
आज 30 गांव के 275 किसानों के ग़म अफीम का तौल हो रहा है। वहीं निर्धारित अवधि में 210 गांवों के 3641 कृषकों की अफीम का तोल किया जाएगा। सीपीएस का तोल 6 अप्रैल से प्रारंभ होकर 16 अप्रैल तक चलेगा। तौल केंद्र पर अफीम के तौल की प्रक्रिया सुबह 5 बजे से प्रारंभ कर दी जा गई किसानों ने बताया कि व्यवस्था और तोल प्रक्रिया से हम पूरी तरह संतुष्ट है।
अफीम के भाव को लेकर असंतोष-
तौल केंद्र पर अफीम लेकर पहुंचे किसानों ने अफीम के भाव को लेकर असंतोष जाहिर किया है। किसानों ने यह भी कहा कि विभाग द्वारा क्लास के अनुसार मूल्य दिया जाता है और पट्टे मॉर्फिन के आधार पर दिए जाते हैं। यह दोहरी नीति है। किसानों को मूल्य भी मॉर्फिन के आधार पर दिया जाए।
अपने-अपने साधनों से अफीम लेकर पहुंचे है काश्तकार-
आपकों बता दें कि प्रतिवर्ष तौल केंद्र पर काश्तकार अपने साधन से अफीम लेकर पहुंचते हैं। तौल केंद्र पर आने के बाद विभाग द्वारा किसानों को अलग-अलग खाली अफीम कंटेनर वजन करके प्रदान किया जाता है। इसके बाद किसान अपना लूणी चीरनी का अफीम कंटेनर में विभाग को देता है। जिला अधिकारी के समक्ष परख करवाई जाती है।
कंटेनरों को सल करवाकर तुलवाते हैं-
परख प्रक्रिया के दौरान काश्तकार के अफीम को अलग-अलग श्रेणी में वर्गीकृत कर लिया जाता है। इसके बाद किसान अपने गांव के लंबरदार की उपस्थिति में विभागीय निर्देश पर सैंपलिंग करते हुए कंटेनरों को सील करवाकर तुलवाते हैं और विभाग को सुपूर्द कर देते हैं। किसान वजन की पर्ची प्राप्त कर लेता है। इस तरह कृषकों की अफीम विभाग को प्राप्त हो जाती है। यहां से विभाग द्वारा तय प्रक्रिया के अनुरूप प्राप्त अफीम को शासकीय अफीम एवं क्षारोद कारखाना नीमच को भेजा जाता है।