नीमच। मध्यप्रदेश सरकार के भूमि अधिग्रहण कानून 2025 के विषय मे जिला कॉंग्रेस कार्यालय गांधीभवन नीमच मे पत्रकार वार्ता आयोजित की गई जिसमे प्रदेश प्रवक्ता व मंदसौर-नीमच जिले के मीडिया प्रभारी समर सिंह, ने पत्रकारो से चर्चाकरते हुए कहाकी भूमि अधिग्रहण कानून यह न केवल किसानों के लिए अन्यायपूर्ण है, बल्कि बड़े व्यापारियों और भूमाफियाओं को फायदा पहुंचाने की एक सुनियोजित साजिश है। भाजपा कि मोहन यादव सरकार ने बहुमत का फायदा उठाकर यह अधिनियम पारित करवा लिया, कांग्रेस ने विधानसभा मे इसका विरोध किया तथा सदन का बहिष्कार किया, उन्होंन कहा कि यह अधिनियम किसानो के हित मे नही है, किसानो के साथ धोखा है। किसान कि जमीन अधिग्रहण के बाद उसे मुआवजा नही मिलेगा, मोहन यादव सरकार सीधे तौर पर व्यापारियो तथा भू माफियो को फायदा देने कि साजिश है, प्रवक्ता समर सिह ने मोहन यादव सरकार पर आरोप लगाया कि यह सरकार किसानो कि दुश्मन है, किसान तथा उघोग कि बात कर भाजपा सरकार सब को गुमराह कर रही है ,2013 के कानून के मुताबिक यह किसानो के साथ धोखा है। 2025 का कानून किसानो को बर्बाद कर देगा। भूमी अधिग्रहण कानून वापस होना चाहिए। यह अधिग्रहण कानून लोकतंत्र के लिए खतरा है सिंह ने कहा कि किसानो पर अत्याचार बढ रहे है, किसान सुरक्षित नही है उन्होंन पिपलिया मंडी कि घटना का उल्लेख किया कि भाजपा कि सरकार मे बेगुनाह किसानो पर गोलिया दागी गई। भाजपा सरकार किसानो को बेघर करना चाहती है किसानो के परिवार का भविष्य खतरे मे है, कांग्रेस किसान के साथ है कानून रद्द कराने के लिए संघर्ष करेगी,यह तानाशाही का रास्ता है विकास के नाम पर जमीन छिनी जा रही है।
आगे कहा कि यह बात किसी से छिपी नहीं है कि देश में किसान आत्महत्याओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार का यह निर्णय किसानों की समस्याओं को और गहरा करेगा। यह कानून कृषि भूमि को जबरन हड़पने का रास्ता खोल सकता है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय किसान पूरी तरह बेबस हो जाएंगे। मोहन यादव सरकार किसानो कि दुश्मन है कांग्रेस ने हमेशा किसानो के हित मे रही है ओर आज भी है।
मध्यप्रदेश में किसानों पर बढ़ते अत्याचार
प्रदेश में किसानों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। किसान प्रभुलाल मेघवंशी को न्याय की मांग करने पर प्रशासन ने प्रताड़ित किया नीमच जिले में सीमांकन की माँग करने वाले एक बुजुर्ग किसान को थाने में भूखा-प्यास 6-7 घंटों तक बैठाए रखा गया।
सिंहस्थ क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के लिए प्रवक्ता समर सिंह ने कहा की सरकार द्वारा संतों के लिए भूमि अधिग्रहण और विकास के नाम पर जमीन लेने की बात कही जा रही है, जबकि 13 अखाड़ों के संतों का स्पष्ट कहना है कि उनके पास पहले से ही पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। सिंहस्थ मेला 2028 के लिए शासन जिस स्थान पर भूमि उपलब्ध करवाएगा, वहां अखाड़े अपनी व्यवस्था कर लेंगे।
कांग्रेस पार्टी ने किसानों के अधिकारों और इस काले कानून के विरोध में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रभात फेरियां, गांव के चौपालों पर चर्चा, जन जागृति कार्यक्रम और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। कांग्रेस पार्टी तब तक संघर्ष करती रहेगी जब तक कि सरकार इस कानून को पूरी तरह वापस नहीं ले लेती।