BREAKING NEWS
BIG NEWS : नशे पर सबसे बड़ा प्रहार, 20 ट्रकों में भरकर.. <<     REPORT : मंदसौर जिले में भूजल संरक्षण के लिए सख्ती,.. <<     KHABAR : स्वरोजगार का सुनहरा अवसर, रोजगार नहीं, अब.. <<     KHABAR : मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव को.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : मनासा में भाजपा का जिला स्तरीय सम्मेलन कल,.. <<     BIG NEWS : सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने की कोशिश.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले का रामपुरा और 13 साल की मासूम, जब.. <<     BIG NEWS : वीर भारत न्यास जमीन विवाद, कांग्रेस.. <<     BIG NEWS : मंदसौर जिले के जर्जर स्कूल भवनों पर खतरे.. <<     KHABAR : 11 जुलाई से विश्व जनसंख्या दिवस अभियान,.. <<     NEWS : सहकार सप्ताह के तहत साइबर जागरूकता.. <<     NEWS : भाजपा चंदेरिया मंडल की कार्यकारिणी घोषित,.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ में सृजन रविवार की शुरुआत कल से,.. <<     NEWS : कल्याण महाकुंभ में शिवमहिमा, संतवाणी और.. <<     NEWS : अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में गूंजा.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
March 31, 2025, 10:28 am
KHABAR : उच्च शिक्षा विभाग की लापरवाही से भगवानपुरा कॉलेज के प्रोफ़ेसरों को वेतन के लाले पड़ रहे है, पढे़ प्रदिप महाजन की खबर 

Share On:-

भगवानपुरा। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार के उद्देश्य से नए शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना की गई, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग भोपाल की लापरवाही और पक्षपातपूर्ण रवैये के कारण शासकीय महाविद्यालय, भगवानपुरा के अतिथि विद्वानों को अब तक वेतन नहीं मिल पाया है। हमारे संवाददाता के पूछने पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रकाश सोलंकी ने कहा है कि वेतन के संबंध में हमने वरिष्ठ कार्यालय को अवगत करा दिया है। बहुत जल्द ही इस समस्या के समाधान का मौखिक आश्वसन दिया गया है। अतिथि विद्वान डॉ मनीष चौहान ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के द्वारा खरगोन ज़िले में झीरन्या एवं भगवानपुरा एक साथ दो महाविद्यालय प्रारंभ किए गए किंतु झीरन्या महाविद्यालय के प्रोफेसरों को नियमित वेतन दिया जा रहा है तथा भगवानपुरा के प्रोफेसरों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है जो ठीक नहीं है। वेतन नहीं मिलने से अतिथि विद्वान मानसिक और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। भगवानपुरा महाविद्यालय के अतिथि विद्वान पिछले कई महीनों से वेतन के इंतजार में हैं। अतिथि विद्वानों ने अनेकों बार वेतन के लिए आवेदन निवेदन किया किंतु उच्च शिक्षा विभाग एवं वित्त विभाग की कुंभकर्णी नींद के कारण महाविद्यालय खोलने के दो वर्ष के बाद भी पदों की मैपिंग नहीं होने से प्रोफेसरों के वेतन के लाले पड़ रहे है, जिससे अपना घर चलाना मुश्किल हो रहा है। एक अतिथि विद्वान ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए कहा, हमारे पास न तो स्थायी नौकरी है और न ही अन्य आय का स्रोत। हमें बच्चों की फीस, माता-पिता की दवाई और खुद के दैनिक खर्चों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। क्या उच्च शिक्षा विभाग को हमारी स्थिति का अंदाजा नहीं है ? प्रोफेसर सोहन गुर्जर बताया कि हमारे द्वारा महाविद्यालय के प्राचार्य, अग्रणी महाविद्यालय खरगोन के प्राचार्य एवं क्षेत्रीय विधायक श्री केदार डावर को भी दो बार को वेतन के संबंध में हमारे द्वारा ज्ञापन दिया लेकिन हमें आश्वासन के अतिरिक्त कुछ भी नहीं मिला।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE