चित्तौड़गढ़। भारतीय नव वर्ष की पूर्व संध्या पर गंभीरी नदी तट पर आयोजित कार्यक्रम नव वर्ष के तीन दिवसीय समारोह में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। संध्या से एकत्र जनसमूह रात तक सतरंगी आतिशी नजारों के बीच विशेष रंगोली, दीपदान, गंभीरी नदी की महा आरती, गोपूजन और मातृशक्ति के अद्भुत अखाड़ा प्रदर्शन को देखने जुटा रहा। आयोजन को सराहनीय व अनुकरणीय बताया जा रहा है।
गम्भीरी नदी कार्यक्रम के संयोजक भोलाराम प्रजापत के साथ टीम के दीपक वर्मा, पंकज सेन,भागीरथ मालवीय, मोतीलाल प्रजापत, लीला भील व बोतलाल माली आदि ने विभिन्न व्यवस्थाएं सम्हाली। गंभीरी नदी की आरती विशेष पंडितों द्वारा की गई।
विशाल रंगोली गोबर, लाल गेरू, सफेद खड़ी से लीप कर गंभीरी नदी के घाट पर सुंदर रंगोली तैयार की गई। रंगोली का आकर्षण देखते ही बन रहा था। बड़ी संख्या में महिला पुरुषों द्वारा नदी तट पर दीपदान किया गया। गौ माता की पंडितों द्वारा पूजा अर्चना व आरती की गई। आसमान में सतरंगी आतिशबाजी की गई। दुर्ग से आई गैर नृत्य की पूरी टीम एवं नन्ही बहनों ने अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन कर वहां उपस्थित जनसमूह को मंत्र मुक्त कर दिया।
सनातन संस्कृति के सफल आयोजन के लिये जताया आभार
हिंदू नव वर्ष पर आयोजित सनातन संस्कृति के तीन दिवसीय समारोह में सहयोग करने वाले समस्त संगठनों, विद्यालयों, समाजजनों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों सहित आम जन का नववर्ष स्वागत आयोजन समिति संयोजक अभिषेक मुंदड़ा रुद, मीडिया प्रभारी संजय खाबिया एवं समस्त कार्यकारिणी ने आभार और धन्यवाद ज्ञापित किया। आपके सहयोग और समर्थन से आपका अपना आयोजन सफल और यादगार हो सका।