खरगोन। सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक गणगौर पर्व का उल्लास चरम पर है। जिन क्षेत्रों में चौत्र तृतीया याने सोमवार को बाडिय़ां खुली उन बाडिय़ो के जवारो को श्रृंगारित रथो में सोमवार देरशाम घाट पर भ्रमण के लिए ले जाया गया, यहां से मन्नतधारी परिवार मान. मनुहार कर माता को अपने घर लाए। गणगौर घाट पर माताजी का विशेष पूजन.अर्चन किया गया। घाट पर कुछ देर रुकने के बाद माता को पानी पिलाकर, यहां से मन्नत वाले श्रद्धालुओं द्वारा मनुहार कर उन्हें बेटी की तरह घर लाया गया। इसे निमाड़ में रथ बौड़ाना कहा जाता है। वहीं कई स्थानों पर मंगलवार को भी बाडियां खोली गई, जहां से श्रद्धालू दोपहर बाद माता को अपने घर बेटी के रुप में ले गए। बुधवार को बेटी को विदाई करने की परंपरा नही होने ेसे गुरुवार से माता की विदाई याने विसर्जन का दौर शुरु होगा।