उज्जैन। चिंतामण गणेश मंदिर में चौत्र मास की तीसरी जत्रा 2 अप्रैल को संपन्न हुई। सुबह 5 बजे मंगलाचरण के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। गर्भगृह में पंचामृत से पूजन-अभिषेक के बाद भगवान का आकर्षक श्रृंगार किया गया।
अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर में आना शुरू हो गया था। सुरक्षा कारणों से भक्तों को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। मंदिर समिति ने जत्रा के लिए विशेष सजावट की थी।
मंदिर के जयंत पुजारी ने बताया कि गेहूं और चने की कटाई का समय है। परंपरा के अनुसार कई किसान अपनी नई फसल भगवान को अर्पित करने पहुंचे। इसके अलावा, शुभ मुहूर्त में विवाह के लग्न लिखवाने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक भी मंदिर आए।
चौत्र मास में हर बुधवार को चिंतामण गणेश मंदिर में जत्रा का आयोजन होता है। यह सिलसिला 19 मार्च से शुरू हुआ है। 9 अप्रैल को अंतिम शाही जत्रा होगी। इस आस्था की जत्रा में आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं के साथ शहरवासी भी गणेशजी का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।