खरगोन। जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय नगावां में बच्चों को विद्यालय में ही उपस्थित वेस्ट मटेरियल तथा घर में पड़े हुए पुराने कपड़े, धागे, ऊन पैर के फटे पुराने मोजो से बच्चों को कठपुतली बनाना सिखाया स विद्यालय में नवीन सत्र की शुरुआत हो चुकी है, इस बार पहली बार 2 अप्रैल को नवीन सत्र की शुरुआत हुई है क्योंकि 1अप्रैल को गणगौर महोत्सव के लिए माननीय कलेक्टर महोदय द्वारा अवकाश घोषित किया गया था,बच्चों का विद्यालय में तिलक लगाकर स्वागत किया गया, तथा उपहार स्वरूप मुंह मीठा किया तथा बच्चों को वर्ष भर पढ़ाई जाने वाले पाठ्यक्रम तथा पाठ्य सहगामी क्रियाओ से बच्चों को परिचित किया गया स अप्रैल माह में नवाचार की शुरुआत करते हुए बच्चों को कठपुतली बनाना सिखाया गया जिसमें सभी बच्चों ने हिस्सा लियास बच्चों के द्वारा बनाई गई कठपुतली के माध्यम से ही बच्चों को पाठ पढ़ाया जा रहा है स अपने द्वारा ही बनी कठपुतली से जब शिक्षक पढ़ाते हैं तो बच्चों की रुचि और अधिक बढ़ जाती है और पाठ्यक्रम को और गहराई से समझने में मदद मिलती है।
बच्चों के लिए नवाचार मनोरंजन के साथ-साथ शैक्षणिक माध्यम
विकास शर्मा सर के द्वारा बताया गया कि विद्यालय में प्रतिवर्ष नए-नए नवाचार किए जाते हैं जो बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए लाभदायक होते हैं गत वर्ष भी बच्चों को कठपुतली के माध्यम से पढ़ाया गया था जो बच्चों को पाठ समझने में सहज होता है स जब कठपुतलियां आपस में बात करती है और बात की चर्चा में ही पूरे पाठ को वार्तालाप के माध्यम से बच्चों तक ज्ञान परोसा जाता है,तब बच्चों को पता ही नहीं चलता है कब हमारा पाठ्यक्रम पूर्ण हो रहा है और बच्चे रुचि लेकर अपना पाठ पूर्ण करते हैंस पाठ की समाप्ति के बाद कठपुतली के माध्यम से या शिक्षक स्वयं बच्चों से प्रश्न उत्तर करते हैं जिसके अधिकतम सही जवाब बच्चों के द्वारा प्राप्त होते हैं बच्चों के शैक्षणिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कठपुतली कला का माध्यम बहुत ही अच्छा है स वैसे तो यहां कठपुतली सभी आयु वर्ग के लिए है, परंतु प्राथमिक विद्यालय के बच्चे कठपुतली को अपने से अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं। कठपुतली के माध्यम से पढ़ना उन्हें अधिक रोचक पूर्ण लगता है।
सोशल मीडिया के द्वारा कठपुतली कला नवाचार का फायदा अन्य विद्यालय तक
विद्यालय में पढ़ाई जाने वाले पाठ को कठपुतली कला नवाचार केवल नगावा के विद्यालय तक ही सीमित नहीं रखा गया बल्कि अन्य विद्यालय में भी शिक्षक यूट्यूब चौनल के द्वारा बच्चों को कठपुतली कला के द्वारा कठपुतली द्वारा बताए गए पाठ को बच्चों को दिखाकर भी पाठ्यक्रम को आसानी से बच्चों को समझया जा सकता हैं स शर्मा जी ने अपने यूट्यूब चौनल का नाम ष्कठपुतली से शिक्षाष् रखा है, इसमें वह समय-समय पर पाठ संबंधित वीडियो जो कठपुतली के माध्यम से होते हैं, उन्हें अपलोड करते हैं इन्हें अपलोड करने का का लक्ष्य यही है कि विद्यालय के बच्चे घर पर अपने अभिभावकों के मोबाइल पर भी कठपुतली के वीडियो देखकर अपने पाठ समझ सके तथा उसका पुनः अध्ययन कर सके तथा अन्य विद्यालय के बच्चे भी कठपुतली कला के माध्यम से रोचक तरीके से अपने पाठ समझ सके स जहां अन्य व्यक्ति यूट्यूब के माध्यम से वीडियो अपलोड करके अपनी आजीविका चलाने के लिए यूट्यूब चौनल बनाते हैं वहां शर्मा जी ने केवल बच्चों के भविष्य तथा शिक्षा के लिए इस चौनल का निर्माण किया है स उनका प्रयास बस यही मंशा है कि कैसे बच्चों तक सरल माध्यम से शिक्षा पहुंच सके। विद्यालय में शिक्षक तथा अभिभावक का व्हाट्सएप ग्रुप भी है जिस पर समय-समय पर कठपुतली के शैक्षणिक वीडियो अभिभावकों को भेजे जाते हैं, वीडियो के माध्यम से बच्चों तक घर तक शिक्षा पहुंचाई जा रही है स आजकल के के समय में बच्चे अपने अधिकांश समय मोबाइल के व्यर्थ वीडियो देखने में व्यतीत करते हैं जिससे उन उसका असर उनकी पढ़ाई पर भी होता है, परंतु जब कठपुतली जैसे रोचक वीडियो के द्वारा पढ़ाई की जाएगी तो मोबाइल पर बिताया गया समय भी उपयोग में आएगा तथा बच्चे रोज अपने पाठ से संबंधित नया सीखेंगे।