कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (फेस-2) के अंतर्गत बने भवन पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। नगर निगम द्वारा इनका आवंटन भी कर दिया गया है, और हितग्राहियों को उनके पजेशन लेटर सौंप दिए गए हैं। लेकिन, सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन भवनों में अब तक बिजली की व्यवस्था नहीं की गई है।
2019 से परेशान हितग्राही
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही 2019 से इस समस्या से जूझ रहे हैं। सरकारी आश्वासनों के बावजूद, अब तक उन्हें उनके मकानों की छत नसीब नहीं हो पाई है। मजबूरी में वे कलेक्टर कार्यालय और नगर निगम के चक्कर काटने को विवश हैं।
दोहरी आर्थिक मार
शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे हितग्राहियों का कहना है कि उन्होंने नगर निगम को भवन की निर्धारित राशिकृदो लाख रुपएकृजमा कर दी है, लेकिन इसके बावजूद वे अपने घरों में नहीं रह पा रहे हैं। इससे वे दोहरी आर्थिक मार झेल रहे हैंकृएक ओर उन्हें बैंक से लिए गए ₹1,80,000 के लोन की किस्तें चुकानी पड़ रही हैं, तो दूसरी ओर वे किराए के मकान में रहकर अतिरिक्त किराया देने को मजबूर हैं। इससे उनके परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है।
6 महीने पहले फाइनेंस कराने वाले भी परेशान
कुछ हितग्राहियों ने छह महीने पहले ही भवन की राशि जमा कर दी थी, लेकिन बिजली न होने के कारण वे अपने घरों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
नगर निगम अधिकारियों का आश्वासन
कटनी नगर निगम के उपायुक्त पी.के. अहिरवार ने कहा कि सिविल वर्क पूरा हो चुका है, लेकिन बिजली की समस्या बनी हुई है। हालांकि, बिजली आपूर्ति के टेंडर हो चुके हैं, और जल्द ही इसकी व्यवस्था कर दी जाएगी, जिससे हितग्राही अपने घरों में रह सकेंगे।
अब सवाल यह उठता है कि हितग्राही कब तक इंतजार करेंगे? क्या सरकार और नगर निगम इस समस्या का जल्द समाधान करेंगे, या फिर ये परिवार यूं ही अपने ही घरों से बेघर बने रहेंगे?