हरदा। सिंचाई के लिए पानी न मिलने से नाराज किसानों ने गुरुवार को इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर किया चक्काजाम कर दिया। इस दौरान समझाइश देने पहुंचे एसडीएम और हंडिया थाना प्रभारी को उन्होंने वापस लौटा दिया। करीब दो घण्टे बाद टिमरनी डिवीजन की कार्यपालन यंत्री ने ओसराबंदी लागू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया।
बता दें कि, बुधवार रात को अबगांवकला के पास धरना दिया था। उन्होंने बताया कि तवा डैम से 27 मार्च को मूंग की फसल के लिए पानी छोड़ा गया था। लेकिन, चार दिन बीत जाने के बाद भी जुगरिया माइनर और उसके नीचे के क्षेत्रों तक पानी नहीं पहुंच पाया है।
किसान नेता रामजीवन बास्ट ने बताया कि 29 तारीख को जिले में नहर का पानी आया था। लेकिन टेल एरिया की मेन कैनाल में अभी तक पानी नहीं पहुंचा है। नहर विभाग का कोई भी अधिकारी फील्ड पर मौजूद नहीं है। करीब 30 से 40 गांवों के किसानों को पलेवा के लिए पहला पानी नहीं मिल पाया है।
समस्या की मुख्य वजह है कि जुगरिया माइनर से ऊपर की सभी माइनरों में हेड एरिया के किसान गेट लगाकर अनुचित तरीके से पानी रोक रहे हैं। किसानों की मांग है कि उन्द्राकच्छ से एचवीसी में डिस्चार्ज के अनुसार हेड क्षेत्र की सभी नहरों का पानी निर्धारित किया जाए। साथ ही औसरा बंदी लागू की जाए।
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर शाम तक टेल एरिया में पानी नहीं पहुंचता है, तो वे छभ्-59 अबगांवकला पर अनिश्चितकालीन धरना और चक्काजाम करेंगे। उनकी मांग है कि सिंचाई विभाग के कर्मचारी अपने कर्तव्य स्थल पर मौजूद रहें और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की नियुक्ति की जाए।