सरसी। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के समीप सरसी गाँव वैसे तो जन-जन की आस्था के केंद्र सरसी के राजा हनुमान जी महाराज के नाम से जाना और पहचान जाता है और इसी नाम से गांव को एक नई पहचान भी मिली है लेकिन इस गांव को अब और एक नई पहचान मिलने वाली है जिंदगी मैं हर इंसान अपने रहने के लिए एक खूबसूरत घर बनाने की चाहत रखता है, लेकिन शायद ही कोई इस बात का ध्यान रखता हो कि जिन परिंदों की प्यारी बोली अपने कानों में मधुर संगीत घोल देती है, उनका भी कोई आशियाना तो जरूर होना चाहिए।
इसी विषय को अब ध्यान में रखते हुए रतलाम जिले के सरसी गांव में अब बेजुबान पक्षियों के लिए एक बड़ा आशियाना बनाकर तैयार किया जा रहा है जिसका निर्माण कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुका है यह आशियाना करीब 68 फीट ऊंचा ओर 700 से ज्यादा फ्लैट वाला 8 मंजिला एवं करीब 6 लाख की अधिक राशि से बनने वाला पक्षी घर (टावर) बनाकर एक अनोखी मिसाल पेश करेगा इसके निर्माण को लेकर गुजरात के कारीगरों द्वारा खास तरह की मिट्टी व निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जाएगा। पक्षी टावर लगने से जहां पक्षियों के संरक्षण को लेकर युवाओं में जागरुकता आएगी वहीं आने वाल पीढ़ी को भी काफी कुछ सीखने को तथा एक नई प्रेरणा मिलेगी वही यह पक्षी घर करीब 3 महीने के फितर बनकर तैयार हो जाएगा।
इस पक्षी घर में सैकड़ों पक्षी एक साथ न केवल अपना बसेरा कर सकते हैं, बल्कि उनके लिए नियमित रूप से बकायदा दाने-पानी की भी व्यवस्था की जाएगी ऐसे में इस पक्षी्घर में सर्दी, गर्मी व बरसात के मौसम में भी सैकड़ों पक्षी सुरक्षित रह सकेंगे इस पक्षी घर का नाम सरसी के राजा हनुमान एवं लाडली बहन पक्षी घर रखा जाएगा इसके निर्माण के लिए अलग-अलग जगह एवं गांव से भी समाज सेवियों तो द्वारा सहयोग किया तो वही सरकार द्वारा चलाई गई लाडली बहन योजना के तहत कई बहने लाभ ले रही है उन बहनों ने भी अपनी एक-एक महीने की किस्त की राशि सरसी गांव में बनने वाले पंछी घर के लिए दान के रूप में समर्पित की है तो इस पंछी घर का नाम भी बहनों के आधार पर रखा जाएगा।