उज्जैन। एमपी में वक्फ बोर्ड की 15008 अधिकृत संपत्तियां होने के बीच उज्जैन जिले में वक्फ बोर्ड की 1056 संपत्तियां होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से अधिकांश पर अवैध कब्जे हैं। लगभग 10 प्रतिशत संपत्ति ही ऐसी हैं जिन पर किसी तरह का विवाद नहीं है। मप्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने कहा कि वक्फ बिल संशोधन से गरीब मुस्लिम भाईयों को फायदा मिलेगा। प्रदेश में अभी 90 प्रतिशत संपत्तियों पर अवैध कब्जे हैं।
आरटीआई एक्टिविस्ट मिलिंद चौधरी कई सालों से वक्फ की संपत्तियों को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है की वक्फ बोर्ड, कलेक्टर ऑफिस, नगर निगम में आरटीआई लगाकर जानकारी मांगी तो पता चला कि शहर में वक्फ बोर्ड की 1000 से ज्यादा संपत्तियां हैं। मौलाना मौज, सोमवारिया कब्रिस्तान, अहमदनगर और शहर की कई संपत्तियां विवादित हैं। उज्जैन में हजारों लोग वक्फ की संपत्तियों में विवाद के कारण फंसे हुए हैं। वक्फ की संपत्तियां कृषि भूमि, मस्जिद, कब्रिस्तान,दरगाह, मजार, स्कूल आदि के नाम पर पंजीबद्ध हैं। उज्जैन में रेलवे और वक्फ के बीच भी जमीन विवाद है।
मदार गेट स्थित वक्फ की संपत्ति (45 हजार वर्ग फीट जमीन पर तनी 115 दुकानों, 16 दफ्तरों, दो स्कूल औ एक मैरिज हाल) का दुरुपयोग करने वाले विवादित अध्यक्ष रहे रियाज खान के खिलाफ पिछले वर्ष की गई कार्रवाई में सनवर पटेल ने कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी रिकवरी 7 करोड़ 11 लाख की मदार गेट के रियाज खाना पर निकली है। जिनकी अचल संपत्तियां बेचकर राशि वसूली जाएगी।