मंदसौर। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा आबकारी विभाग इस बात को सुनिश्चित करें कि मंदसौर शहर की शराब की दुकान पवित्र धार्मिक शहर होने के कारण बंद हो गई है तथा इन शराब की दुकानों को ग्रामीण क्षेत्र के इलाकों में शिफ्ट किया जा रहा है। यहां पर भी शराब की दुकानों का स्थल निरीक्षण चयन देखकर किया जाना चाहिए था। यही कारण है कि अनदेखी होने के कारण से तथा आबकारी विभाग ठेकेदारों के कहने पर नए स्थान चयन कर लिए हैं, जिससे जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन तथा आम जनता के सामने कानून व्यवस्था एवं वाद विवाद की स्थिति निर्मित हो रही हैं।
पूर्व विधायक तथा भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि शहर मंदसौर की दुकान ग्रामीण क्षेत्र की तरफ शिफ्ट हो रही है यह तो समझ में आ रहा है लेकिन दलोदा की शराब की दुकान फोरलेन सड़क मार्ग के सड़क के शोल्डर पर, मंदिर, भगवान महावीर स्वास्थ्य केंद्र, कॉलोनी और कॉलेज जाने वाले रास्ते पर शिफ्ट किया जाना कदापि उचित नहीं है, इस शराब की दुकान के स्थापित होने से फोरलेन पर हमेशा सड़क की शोल्डर पर भीड़ लगी रहेगी वैसे भी दलोदा के प्रगति चौराहे पर जो कि कुछ ही दूरी पर है लगातार दुर्घटनाएं होती रहती है, यह स्थान एक और दुर्घटना का केंद्र बिंदू बनेगा।
यहां कॉलोनी है, जैन समाज द्वारा संचालित भगवान महावीर स्वास्थ्य केंद्र है, जहां चातुर्मास होते हैं, जैन संत वहां रुकते हैं, कॉलोनी के मुहाने पर मंदिर है, कॉलेज जाने वाले छात्र छात्राएं के लिए भी यह दिक्कत खड़ी करेगी, सिसौदिया ने बताया कि ऐसा लगता है कि आबकारी विभाग, जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन को और आम जनता को विश्वास में लिए बगैर अपनी मनमर्जी से ठेकेदारों के कहने पर शराब की दुकानों को अन्यत्र शिफ्ट किया जा रहा हैं।
मंदसौर के समीप भी जग्गाखेड़ी में जो घटनाक्रम उपजा है उसका कारण यही है कि मंदसौर की शराब की दुकान बंद होने के कारण से जग्गाखेड़ी की शराब की पुरानी दुकान पर लगातार चार दिन से भीड़ बढ़ रही है, वह भी फोर लेन सड़क मार्ग के सड़क की शोल्डर पर है वहां भी दुर्घटनाओं की संभावना है, एक नहीं अनेक कालोनियां है, एक नहीं अनेक स्कूल है, इन सारी चीजों को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, आबकारी विभाग तथा आम जनता इन शराब की दुकानों को स्थापित करवाने में जहां विवाद उत्पन्न नहीं हो वहां पर इन्हें शिफ्ट किया जाना चाहिए, अन्यथा पहली बार दलोदा, अफजलपुर जग्गाखेड़ी में तथा और भी अनेक जगह मंदसौर जिले में शराब की दुकानों को शिफ्ट करने और नई दुकानों की स्थापना को लेकर कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित हो गई है, जिसके कारण से पत्थर बाज़ी हो रहे हैं, आगजनी हो रही है, तोड़फोड़ हो रही है, इन सारी चीजों को देखकर एक बार पुनः जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को आम जनता की भावनाओं को समझते हुए इन शराब की दुकानों के बारे में विचार विमर्श कर रिव्यू करना चाहिए।