कंजार्डा। निजी बस मालिकों की मनमानी के कारण आमजन दुखी हो रहा है। वहीं जिम्मेदार विभाग मौन है। विभाग की अनदेखी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में अनफिट बसे धड़ल्ले से दौड़ रही है। बसों को प्रशासन ने कैसे परमिट जारी किया यह तो सभी के समझ में आ रही है। बसों को घाट चढ़ने में दुर्घटना का अंदेशों बना रहता है।
धन्य है बस चलाने वाले ड्राइवर-
निजी बसों में चलने वाले ड्राइवर किसी सामन को लाने ले जाने में भी अच्छी खासी रकम ले रहे हैं। जबकि उदयपुर उज्जैन आदि क्षेत्रों से माल मंगवाने में जो भाड़ा लगता है उससे दुगना भाड़ा नीमच, मनासा, कुकडेश्वर से मंगवाने में लगता है। विभाग इस ओर ध्यान देकर भाड़ा भी तय करें ताकि आमजन को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।