छतरपुर। जिले के बिजावर वन परिक्षेत्र अंतर्गत पनागर वन बीट के अलगाना गांव से लगा वन विभाग का कक्ष क्रमांक 317 जिसमें लगे सेजा हजारों हरे पेड़ों को काटा गया । फिर इन पेड़ों की लकड़ी को ईंट पकाने में स्तेमाल किया गया। जिसे मुखबिर तंत्र ने बिजावर रेंजर को सूचना देकर मामले को उजागर कर दिया। इस अवैध पेड़ों की कटाई से वन विभाग के लगभग 10 से 15 हेक्टेयर वन भूमि के हजारों सेजा हरे भरे पेड़ों को काटा गया है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग द्वारा पदस्थ किया गया स्थानीय अमला डिप्टी रेंजर, बीट गार्ड, और वन चौकीदार केवल लेन देन कर अपनी जेबें भरते रहे और पेड़ों कटाई होती रही।
लेकिन जैसे ही इस मामले जानकारी रेंजर पावन राय को लगी उन्होंने ने त्वरित कार्रवाई करते हुए। अवैध रूप से कटे गए पेड़ों को जप्त करते हुए वन अपराध दर्ज किया और 12 लोगों के विरुद्ध 85 बैलगाड़ी लकड़ी की पी यू आर कटी गई और 1 लाख 70 हजार रुपयों का जुर्माना भी लगा दिया।
हम आपको बता दें जब इस मामले में वन अमला ईंट भट्ठों पर कार्रवाई करने पहुंचा तो वहां मौजूद महिलाओं ने वन कर्मियों को कार्यवाही करने से रोका फिर वन अमले ने थाना पिपट को सूचना दी और पुलिस की मौजूदगी में हंगामा होता रहा और महिलाएं ईट भट्ठे से वन कर्मियों को लकड़ियां उठाने से रोकती देखीं गई। और विवादित स्थिति के बाद भी वन अमला अवैध लकड़ियों की जप्ती कर कार्रवाई करता रहा। वहीं बिजावर रेंजर का कहना है कि मेरे द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।अब देखना होगा कि हजारों पेड़ों की अवैध कटाई मामले में वन विभाग के आला अधिकारी अपने स्थानीय अमले पर क्या कार्रवाई करते हैं।