चित्तौड़गढ़। न्यायालय अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट चित्तौडगढ के पीठासीन अधिकारी- संगीता मोगा द्धारा अपने महत्वपुर्ण निर्णय दिनांकित 05-04-2025 द्वारा चेक अनादरण के आरोप के लिये अभियुक्त- प्रेमसिंह राजपुत निवासी- मानसिंह जी का खेडा तहसील गंगरार जिला चित्तौडगढ को दोषसिद्ध कर 06 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई और 5,70,000/-रूपये का प्रतिकर लगाया जो परिवादी को दिलाने के आदेश दिये।
परिवादी नवरतन कुमार खटीक निवासी- गांव साडास तहसील गंगरार जिला चित्तौड़गढ़ द्धारा अपने एडवोकेट- रत्नेश कुमार जैन (बोहरा), विशाल सिंह भाटी, मोनिका जैन के मार्फत चेक अनादरण का 01 परिवाद अभियुक्त प्रेमसिंह के विरुद्ध न्यायालय में इन तथ्यो के साथ पेश किया था, कि अभियुक्त ने वैध कार्याे में रूपयो की आवश्यकता होना बताकर परिवादी से राशि 5,20,000/-रूपये अक्षरे पांच लाख बीस हजार रूपये संक्षिप्त अवधि के लिये उधार लिये जिसके पूर्नभुगतान के लिये अभियुक्त ने अपने बैंक खाते का एक चौक नंबर 628828 दिनांकित 25-08-2020 राशि 5,20,000/-रूपये अक्षरे पांच लाख बीस हजार रूपये का बैंक- भारतीय स्टेट बैंक शाखा गंगरार तहसील गंगरार जिला चित्तौडगढ का चौक यह विश्वास दिलाकर दिया था कि नियत तारिख को बैंक में पेश करने पर उक्त चेक का भुगतान परिवादी को मिल जावेगा। परन्तु नियत तिथि के बाद चौक बैंक मे पेश करने पर संबंधित बैंक द्वारा उक्त चौक को पेमेन्ट स्टॉप के अंकन के साथ चौक को अनादरित कर दिया गया। विधि अनुसार लीगल नोटिस दिलाये जाने के बाद भी आरोपी द्वारा रकम अदा नहीं की गयी। जिस पर परिवादी ने एडवोकेट- रत्नेश कुमार जैन (बोहरा), विशाल सिंह भाटी, मोनिका जैन के मार्फत न्यायालय में परिवाद पेश कर कानुनी कार्यवाही की।
प्रकरण की सुनवाई पुर्ण होने पर न्यायालय ने प्रेमसिंह को दोषसिद्ध घोषित किया और राशि 5,70,000/-रूपये अक्षरे पांच लाख सत्तर हजार रूपये के जुर्माने और 06 माह के साधारण कारावास से दण्डित किया है।
परिवादी की ओर से पैरवी एडवोकेट रत्नेश कुमार जैन (बोहरा) एडवोकेट, विशाल सिंह भाटी व मोनिका जैन ने की।