चित्तौड़गढ़। प्रायः जन्मदिन के अवसर पर पाश्चात्य परंपरा के अनुसार मोमबत्तियां बूझाकर और केक काटकर जन्मदिन मनाने का प्रचलन है। लेकिन ऐसे में दीप जलाकर लापसी (गुड़ की मीठी खिचड़ी) का केक काटकर जन्मदिन मनाने के सार्वजनिक आयोजन को संस्कृति के लिए अनुकरणीय मिसाल कहा जाना अतिशयोक्ति नहीं होगी।
यह अनूठा उदाहरण जिला मुख्यालय पर पूर्व पार्षद व भाजपा नेता भोलाराम प्रजापत के जन्मदिन पर प्रस्तुत हुआ। उनके सुपुत्र राहुल और रवि के विचारों से अनूठा आयोजन हुआ। संतो और विधायक के आतिथ्य में भोलाराम मित्र मंडली द्वारा दीप प्रज्वलित कर लापसी का केक कटवाकर जन्मदिवस समारोह मनाया गया। जबकि प्रजापत ने इससे पूर्व अपने परिवार सहित श्री सांवलिया जी विकलांग विद्यालय पहुंचकर मुक - बधिर बच्चों में खुशियां बांटी और उनके साथ जन्मदिन मनाया। इसके बाद उन्होंने गौशाला पहुंचकर गाय बछड़ों की पूजा करके उन्हें लापसी खिलाई और गौ सेवा की।
रतनलाल माली, सत्यनारायण माली आदि प्रजापत मित्रमण्डली ने मिलकर लापसी का केक बनवाया। आयोजन में संत चंद्र भारती महाराज व विनोद चंद्र यति महाराज, सहित विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के आतिथ्य में इस प्रकार का आदर्श प्रस्तुत करने की उन्होंने सराहना करते कहा कि ऐसे शुभ अवसर पर दीपक जलाना व लापसी का केक वितरण हमारी संस्कृति में बहुत शुभ माना जाता है। वहीं पीड़ित मानवता और गौ सेवा एवं पशु पक्षियों की सेवा करके ऐसे समारोह मनाये जाना प्रासंगिक है, इससे सभी को प्रेरणा लेना चाहिए।