नीमच। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) परिसर में आज 17 अप्रैल को 86 वां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल दिवस समारोह 2025 का विशेष आयोजन किया गया। सीआरपीएफ की जन्मस्थली नीमच में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सुबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिरकत की। शाह ने मंच से कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का देश से सफाया हो जाएगा। इसमें सीआरपीएफ जवानों की भी बड़ी भूमिका रहेगी। इससे पहले शाह ने शहीद स्थल पर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद खुली जीप में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया।
2026 तक हो जाएगा नक्सलवाद का खात्मा-
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा। सीएपीएफ और सीआरपीएफ, खासकर इसकी कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन) इकाई इसमें अहम भूमिका निभाएगी।
भारत को सीआरपीएफ पर गर्व हैं-
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सीआरपीएफ की स्थापना से अब तक 2264 जवानों ने अलग-अलग मोर्चों पर देश की सुरक्षा के लिए बलिदान दिया है। उन सभी शहीदों के परिवार को मैं कहना चाहता हूं कि 2047 में सर्वाेच्य बनने की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है। इसमें आपके परिवारजन के बलिदान का बड़ा योगदान है। भारत को सीआरपीएफ पर गर्व हैं।
सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित हैं-
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीआरपीएफ ने देश की एकता और अखंडता बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जब भी देश में कहीं भी अशांति होती है। गृहमंत्री होने के नाते मुझे पता चलता है कि सीआरपीएफ का जवान वहां मौजूद हैं तो मैं निश्चित होकर काम करता हूं। मुझे भरोसा है कि सीआरपीएफ है तो विजय सुनिश्चित हैं।
महान सरदार वल्लभ भाई पटेल ने दिया था नाम-
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि सीआरपीएफ के हर जवान से मैं कहना चाहता हूं कि कभी नहीं भूलना कि आपके नए स्वरूप सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स की स्थापना और उसका ध्वज देने का काम महान सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया है। अखंड भारत के सूत्रधार हमारे प्रेरणास्रोत सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सीआरपीएफ का ध्वज दिया था, उनके दिखाए रास्ते पर सीआरपीएफ की गौरवमयी यात्रा जारी है। हमारा सीआरपीएफ पूरी दुनिया का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है। देश की सुरक्षा के साथ ही जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का सफाया, पूर्वाेत्तर में शांति स्थापित करना हो या नक्सल क्षेत्रों में शांति स्थापित करने में हमारे सीआरपीएफ जवानों का योगदान महत्वपूर्ण है।
सीआरपीएफ ने हर हमले को नाकाम किया-
सीआरपीएफ जवानों की बहादुरी का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि संसद भवन हमला हो या रामजन्मभूमि की रक्षा की बात हो सीआरपीएफ ने हर हमले को नाकाम किया है। देश की आन, बान, शान को सीआरपीएफ के जवानों ने बचाकर रखा। लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में 21 अक्टूबर 1959 को चीनी सेना का मुकाबला केवल कुछ सीआरपीएफ जवानों ने किया। देश को नक्सलमुक्त बनाने में हमारे कोबरा बटालियन के जवान अभूतपूर्व कार्य कर रहे हैं। 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्ति का देश का संकल्प आपके अदम्य साहस के बल पर पूर्ण होगा।
सीआरपीएफ के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए-
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने सीआरपीएफ के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमारे वीर जवानों के उत्थान, सम्मान तथा उनके परिवारजनों के लिए कई सुविधाओं को मुहैया कराने का कार्य किया है। उन्होंने आगे कहा हमने तय किया था कि 5 साल में 5 करोड़ पौधों का रोपण सीआरपीएफ के सारे बल मिलकर करेंगे। इसका पहला पौधा सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में मैंने रखा था। एक करोड़वा पौधा भी सीआरपीएफ कैंपस नांदेड़ में रखा और चार करोड़वा पौधा भी मैंने यूपी के सीआरपीएफ कैंप में रखा। आज 6 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर हमने पर्यावरण के प्रति बहुत अच्छी जागरूकता दिखाने का काम किया है।
परेड में सीआरपीएफ की 8 टुकड़ियां शामिल-
सीआरपीएफ की जन्म स्थली नीमच में आयोजित समारोह में सीआरपीएफ की 8 टुकड़ियां परेड में शामिल हुई। गृहमंत्री अमित शाह ने परेड की सलामी ली। शाह ने वीरता पदकों के लिए चयनित सीआरपीएफ जवानों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए।