इंदौर। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलेक्टर ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन किया। पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और नरसंहार को लेकर ये प्रदर्शन किया गया। राजवाड़ा पर बड़ी संख्या में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के कार्यकर्ता और समाज प्रमुख एकत्रित हुए और यहां से पैदल कलेक्टर ऑफिस पहुंचे। जहां उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया।
विश्व हिंदू परिषद के मंत्री यज्ञेश राठी, प्रचार प्रमुख गन्नी चौकसे एवं अन्नू गहलोत ने बताया कि वक्फ कानून के विरोध की आड़ में संपूर्ण बंगाल को जिस प्रकार हिंसा की आग में जलाया जा रहा है, हिंदुओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, राष्ट्र विरोधी और हिंदू विरोधी तत्वों को निर्बाध रूप से अपने षड्यंत्रों को क्रियान्वित करने की खुली छूट दी जा रही है, उससे स्पष्ट लगता है कि बंगाल की स्थिति अत्यधिक चिंताजनक है। मुर्शिदाबाद से शुरू हुई यह भीषण हिंसा अब संपूर्ण बंगाल में फैलती हुई दिखाई दे रही है। शासकीय तंत्र दंगाइयों के सामने केवल निष्क्रिय ही नहीं अपितु कई स्थानों पर इनका सहायक या प्रेरक बन गया है। इससे पहले कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाए, केंद्र सरकार को प्रशासन का नियंत्रण व संचालन अपने हाथ में लेकर राष्ट्र विरोधी व हिंदू विरोधी तत्वों को उनके कुकर्मों के लिए कठोर सजा दिलानी चाहिए।
उन्होंने कहा 11 अप्रैल को वक्फ कानून के विरोध के नाम पर किया गया हिंसक प्रदर्शन कानून बनाने वाली सरकार के विरोध में नहीं अपितु हिंदुओं पर हिंसक आक्रमण के रूप में था, जबकि हिंदू समाज की इस कानून के निर्माण में कोई भूमिका नहीं थी और यह एक शुद्ध संवैधानिक प्रक्रिया थी। उनका आरोप है कि इसका स्पष्ट अर्थ है कि वक्फ तो केवल बहाना था, असली उद्देश्य मुर्शिदाबाद को हिंदू शून्य बनाना था। इस उन्मादी जिहादी भीड़ ने हिंदुओं के 200 से अधिक घरों और व्यवसायिक दुकानों को लूटकर जलाया, सैकड़ों हिंदुओं को बुरी तरह घायल किया व तीन नागरिकों की निर्मम हत्या की गई।
परिणाम स्वरूप 500 से अधिक हिंदू परिवारों को मुर्शिदाबाद से पलायन करना पड़ा। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने ममता बैनर्जी पर भी निशाना साधा। पदाधिकारियों ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की है कि साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए आप अविलंब और त्वरित कार्रवाई करेंगी। ज्ञापन में मुख्य रूप से विभाग संगठन मंत्री अभिषेक उदेनिया, दिलीप जैन, पप्पू कोचले, तनु शर्मा, अविनाश कौशल, कृष्णा वर्मा आदि उपस्थित थे।