उज्जैन। शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। रामघाट से दत्त अखाड़ा को जोड़ने वाली छोटे रपटे पर रेलिंग नहीं है। इससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। वैशाख माह और ग्रीष्म अवकाश के कारण शिप्रा नदी पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। श्रद्धालु इसी रपटे से घाट पर आवागमन कर रहे हैं। कई लोग रपटे के बीच में जाकर शिप्रा के जल को स्पर्श करते हैं। कुछ श्रद्धालु वहां सेल्फी भी लेते नजर आते हैं।
रामघाट चौकी के अनुसार, गुड़ी पड़वा के दौरान शिप्रा तट पर आयोजित कार्यक्रम के लिए रेलिंग हटाई गई थी। तब से किसी अधिकारी ने इसे दोबारा लगवाने की पहल नहीं की। घाट पर तैनात होमगार्ड और एसडीईआरएफ जवानों ने अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा दिया है। फिर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
नगर निगम कमिश्नर आशीष पाठक का कहना है कि- वे अधीनस्थ अधिकारियों से चर्चा करेंगे। यह पता लगाया जाएगा कि रपटे की रेलिंग किस विभाग के माध्यम से लगवाई जानी है।
मंगलवार से शिप्रा नदी पर बढ़ेगी भीड़
शहर में पंचकोशी यात्रा इस बार 23 अप्रैल से प्रारंभ होगी, लेकिन हमेशा की तरह इस बार भी दो दिन पहले सोमवार से ही श्रद्धालु नगर में पहुंचने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु मंगलवार को पंचकोशी यात्रा के लिए रवाना होंगे। इसके पहले श्रद्धालु शिप्रा नदी पर स्नान के लिए पहुंचेंगे। जाहिर है ऐसे में शिप्रा नदी पर भीड़ होने से इस रेलिंग विहीन पुलिया पर भी लोगों की आवाजाही रहेगी।