मंदसौर। चीतों का नया घर मंदसौर जिले का गांधी सागर अभयारण्य पावक और प्रभास को पसंद आ गया है। यहां पहुंचने के 30 घंटे के भीतर बीती रात दोनों एक साथ मिल एक नर चीतल का शिकार किया है। दोनों ने चीतल को दौड़ा-दौड़ाकर पकड़ा।
दोनों चीते 20 अप्रैल को शाम 5.30 बजे छोड़े गए थे। पावक और प्रभास दोनों ही चीतों को कूनो नेशनल पार्क से गांधी सागर अभयारण्य लाया गया हैं। नर चीते पावक और प्रभाष करीब 6-6 साल के हैं। इन दोनों को दक्षिण अफ्रीका से 18 फरवरी 2023 को लाया गया था। दोनों ही सगे भाई है। वन विभाग के अनुसार, यह शिकार चीतों के अगले तीन दिन के भोजन की आवश्यकता को पूरा करेगा।
इस दौरान वे नया शिकार नहीं करेंगे। चीतों की देखरेख के लिए वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम लगातार निगरानी कर रही है। डीएफओ संजय रायखेरे ने बताया कि चीतों के लिए 64 वर्ग किलोमीटर का विशेष बाड़ा बनाया गया है। पिछले 24 घंटों में चीतों ने इस पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया और चार बार पानी भी पिया। कुन्नो से स्थानांतरण से पहले इन चीतों ने पेट भर भोजन किया था, जिसके कारण उन्हें पहला शिकार करने में 30 घंटे का समय लगा। अब वे आराम कर रहे हैं। गांधी सागर अभयारण्य में वन विभाग ने चीतों के लिए 8900 हेक्टेयर का विशेष क्षेत्र तैयार किया है। यहां 8 से 10 चीतों को बसाने की व्यवस्था की गई है। चीतों के भोजन के लिए अभयारण्य में 150 से अधिक चीतल, 80 से अधिक चिंकारा, 50 से अधिक व्हाइट बोर्ड और 50 से अधिक नीलगाय मौजूद हैं। इसके अलावा यहां पहले से ही हिरणों की अच्छी-खासी संख्या है।