भोपाल। UPSC ने सिविल सर्विस एग्जाम 2024 का फाइनल रिजल्ट मंगलवार को जारी किया। मध्य प्रदेश की आयुषी बंसल आयुषी को 7वीं रैंक मिली है। इससे पहले आयुषी ने UPSC-2023 में 97वीं और 2022 में 188वीं रैंक हासिल की थी।
आयुषी का जन्म ग्वालियर में हुआ है। माता-पिता दोनों LIC में काम करते थे। IIT की तैयारी के लिए वो दिल्ली आ गईं। यहां मैकेंजी एंड कंपनी में काम किया। 2022 में जॉब क्विट करके UPSC, CSE प्रिपरेशन शुरू की।
वहीं, रीवा के रोमिल द्विवेदी को 27वीं रैंक मिली है। रोमिल सहकारिता विभाग के जॉइंट कमिश्नर केके द्विवेदी के बेटे हैं। पिछले साल इनका सिलेक्शन ऑल इंडिया रेलवे सर्विस में हुआ था।
इसी तरह मंदसौर जिले के गरोठ के रहने वाले ऋषभ चौधरी ने 28 रैंक की हासिल की है। खास बात ये है कि ऋषभ ने बिना कोचिंग के ही ये मुकाम पाया है।
वहीं, इटारसी के गरीबी लाइन निवासी मोनू शर्मा ने 359वी रैंक हासिल की है। भोपाल के क्षितिज आदित्य शर्मा को 58वां स्थान मिला है। इसी तरह इंदौर के योगेश राजपूत को रिजल्ट में 540वीं रैंक मिली है।
रोमिल द्विवेदी मूल रूप से रीवा के आनंद नगर बोदाबाग के रहने वाले हैं। दो साल पहले उन्हें UPSC में 364वीं रैंक मिली थी। उनका चयन IRS के लिए हुआ था। जबकि इससे पहले रोमिल मुंबई स्थित एक्सिस बैंक में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट रह चुके हैं।
जवा तहसील के पुरैना गांव में 21 मार्च 1995 को जन्मे रोमिल द्विवेदी के पिता केके द्विवेदी जॉइंट कमिश्नर सहकारिता भोपाल में पदस्थ हैं। बड़े भाई वन विभाग में हैं। वहीं चाचा प्रकाश द्विवेदी राज्य वित्त सेवा के अधिकारी है। रोमिल अपने चाचा से इंस्पायर होकर ही UPSC की तैयारी कर रहे थे।
रोमिल के पिता केके द्विवेदी ने बताया कि उनके बेटे ने बगैर किसी कोचिंग के खुद तैयारी करते हुए यह सफलता हासिल की है।