नीमच। रेवली देवली गांव के बुजुर्ग किसान सूरजमल ने नरवाई जलाने के आरोप को खारिज किया है। उन्होंने कलेक्टर को दिए आवेदन में स्थिति स्पष्ट की है। सूरजमल 20 अप्रैल को अपने परिवार के साथ केसुन्दा गांव में एक शादी समारोह में गए थे। उसी रात उनके गांव में आग लगी। यह आग उनके पूर्वजों के स्थान के पास लगी। जहां लोग दीपक और अगरबत्ती जलाते हैं। जिस खेत में नरवाई जली, वह सूरजमल की कृषि भूमि से सटा हुआ है। वहां उनका कुआं है और सिंचाई के पाइप व कृषि उपकरण रखे हैं। ग्रामीणों और रिश्तेदारों की तत्काल कार्रवाई से बड़े नुकसान से बचाव हो गया।
सूरजमल हृदय रोग से पीड़ित हैं। वे चलने-फिरने में असमर्थ हैं और खेत व कुएं पर भी कम जाते हैं। उन्हें आग की घटना की जानकारी भी नहीं थी। फिर भी प्रशासन ने उन पर नरवाई जलाने का केस दर्ज कर लिया। खेत के पास अफीम की जालियां, ग्रीन नेट और मक्का की फसल लगी है। सूरजमल का कहना है कि वे अपनी ही फसल को नुकसान पहुंचाने का जोखिम नहीं ले सकते। उन्होंने कलेक्टर से मामले की जांच कर इसे निरस्त करने की मांग की है।