रतलाम। जावरा में एक विवादित नामांतरण मामले में तहसीलदार संदीप इवने को अयोग्य घोषित करने की मांग को लेकर कोर्ट में वाद दायर किया गया है। कोर्ट ने राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव, कमिश्नर और कलेक्टर समेत तहसीलदार को नोटिस जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी।
बामनखेड़ी निवासी बाबू खां और मोहम्मद खां ने अधिवक्ता ओमप्रकाश बघेरवाल के माध्यम से यह वाद दायर किया है। वाद में बताया गया है कि वादियों की मां नूरजहां बी के नाम पर 1968-69 में खरीदी गई जमीन पर उनका स्वामित्व है, जहां वे मकान बनाकर रह रहे हैं।
आपत्तिकर्ता को बिना सूचना दिए 2 बार नामांतरण करने का आरोप
मामले के अनुसार, वादियों की बहन मुन्नी बी के स्वर्गवास के पांच वर्ष बाद उनके बेटे ने फर्जी वसीयत के आधार पर नामांतरण की कार्रवाई की, जिसे 30 जनवरी 2024 को तहसीलदार ने निरस्त कर दिया था। इसके बाद मुन्नी बी के पति भूरू खां और उनके बच्चों ने पुनः नामांतरण के लिए आवेदन किया।
वादियों का आरोप है कि तहसीलदार ने बिना व्यक्तिगत सूचना दिए 22 जुलाई को नामांतरण का आदेश पारित कर दिया। इसके बाद 9 अप्रैल 2025 को अवैध विक्रय पत्र के आधार पर फिर से नामांतरण आदेश जारी कर दिया। वादियों का कहना है कि तहसीलदार ने जानबूझकर विधि प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया और न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग किया।
प्रदेश का पहला मामला
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी तहसीलदार को अयोग्य घोषित करने की मांग का यह मध्य प्रदेश का संभवतः पहला मामला है।
तहसीलदार बोले- नोटिस मिलने पर पक्ष रखेंगे
वहीं मामले में तहसीलदार संदीप इवने का कहना है कि वसीयत और रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के आधारपर एवं नियमानुसार नामांतरण किए गए हैं। यदि पक्षकार असंतुष्ट है तो न्यायालय में अपील कर सकते हैं। वाद संबंधी नोटिस नहीं मिला है, मिलने पर हम पक्ष रखेंगे।