छतरपुर। जिला के महाराजपुर की ग्राम पंचायत गौरारी के रहने वाले सचिन कुशवाहा का महाराजपुर में रहने वाली एक नाबालिक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था तभी अचानक से सचिन कुशवाहा नाबालिक को साथ लेकर 15 अप्रैल को घर से बिना जानकारी के भगा ले गया नाबालिक के परिवार वालों ने रिश्तेदारी और आस पड़ोस में खोजबीन की जब वह नहीं मिली तभी परिजनों ने थाने जाकर सूचना दी जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया इसके बाद सचिन कुशवाहा नाबालिक को लेकर वापस आ गया और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए सचिन कुशवाहा ने नाबालिक से विवाह करने के लिए बात कही जिस पर पुलिस ने लड़का पक्ष के लोगों के साथ मिलकर नाबालिक लड़की के लड़के के पक्ष में न्यायालय में ब्यान करवा दिए।
इसके बाद लड़का पक्ष के लगभग 30 लोगों के साथ तहसील कार्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित हनुमान मंदिर में नाबालिक की शादी पंडित जी की उपस्थिति में संपन्न कराई गई मुख्य मार्ग पर मंदिर में शाम के समय इस भीड़ को देखते हुए पहले लगा कि कोई आयोजन है लेकिन जब किसी भी प्रकार की साउंड की आवाज नहीं आई तब लोगों ने देखा तो पता चला कि गोरारी में रहने वाले सचिन कुशवाहा उम्र 30 वर्ष का नाबालिक के साथ विवाह कराया जा रहा है।
तहसील कार्यालय से कुछ ही दूरी पर इस प्रकार के नाबालिक विवाह संपन्न होने की स्थिति में प्रशासनिक सतर्कता और स्थानीय अधिकारियों के ऊपर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगता है फिर विज्ञापनों के साथ बाल विवाह की रोकथाम के लिए की गई जागरूकता कहां गई। इस पूरे मामले की जानकारी जब मीडिया को लगी और मौके पर जब पहुंचे तो विवाह हो चुका था और नाबालिक और सचिन अपनी मोटरसाइकिल पर विदा होते हुए जाते दिखाई दिए।
नवीन दुबे एसडीओपी खजुराहो ने कहा हमें यह जानकारी आपके माध्यम से मिली है पुलिस को बाल विवाह की कोई सूचना नहीं है पुष्टि होने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।