शाजापुर जिले के ग्राम तिलावद में एक व्यक्ति ने फेसबुक पर पोस्ट करके कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी पर कोई विकास कार्य न करने के आरोप लगाएं थे, उसके बाद विधायक चंद्रवंशी ने तिलावद निवासी हरिओम पटेल को मोबाइल पर फोन लगाया और कहा तुम्हें क्या तकलीफ है बताओ। हरिओम ने जवाब दिया तकलीफ के अलावा आपने क्या दिया। विधायक ने कहा पहले पता करो, फिर उन्हें जवाब दिया गया गांव में कोई काम नहीं हुआ। विधायक ने पोस्ट हटाने को कहा, हरिओम ने पोस्ट हटाने से मना किया। विधायक ने कहा नेतागिरी मत करना मेरे से। विधायक ने कहा 25 लाख और 10 लाख का टिन शेड दिया, क्या तुम्हारे यहां पूरा खजाना दे दूं। हरिओम ने कहा अभी काम चालू नहीं हुआ। विधायक ने कहा छड़ी घुमाकर कर दूं। अक्ल वक्ल है की नहीं, पता नहीं सरकार का काम कैसे होता है। हरिओम ने विधायक से कहा तुम बोल कैसे रहें हों। विधायक ने जवाब दिया तुमने कैसे लिख दिया। हरिओम ने कहा स्वतंत्र भारत है, विधायक ने कहा काहे का स्वतंत्र है। विधायक ने कहा तुम्हें बताता हूं क्या स्वतंत्र है। इसके बाद पुलिस हरिओम को घर से अवंतिपुर बड़ोदिया थाने उठाकर ले गई। मामले मे आज कांग्रेसियों को इस बात की जानकारी लगी तो उन्होंने थाने पर हंगामा कर दिया। अवंतिपुर बड़ोदिया पुलिस ने हरिओम पटेल के विरुद्ध धारा 170 बी के तहत मामला दर्ज कर उसे कालापीपल कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के यहां भेज दिया।
इस मामले में कालापीपल के पूर्व कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा विधायक सत्ता के मद में लोगों को डराने का काम कर रहे हैं। क्या जनता सवाल नहीं पूछ सकती। तिलावद के हरिओम पटेल ने फेसबुक के माध्यम से विधायक से सवाल किया आपने क्या किया। सवाल के बाद विधायक फोन लगाकर धमकी देते हैं,केस लगवाया जाता है, क्या प्रशासन गुलामी के लिए बना है। प्रशासन गुलामी करेगा तो सड़कों पर आंदोलन किए जाएंगे। हजारों पोस्ट कर सवाल किए जाएंगे। लोकतंत्र में सबको प्रश्न पूछने का अधिकार है।