खरगोन। जिले के ग्राम उमरखली के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में डाक्टर साहब नहीं आते हैं, क्यों नहीं आते हैं, इसका कारण वहां मौजूद स्टाफ को नहीं मालूम होता है, डाक्टर साहब नहीं आते हैं, तो मरीज़ भी कम ही आते हैं।जो दो चार मरीज़ आते हैं,उनका उपचार वहां उपस्थित नर्स, फार्मासिस्ट, ही करते हैं, और सबसे ज्यादा जिम्मेदारी तो यहां के ड्रेसर पर होती हैं , डाक्टर और फार्मासिस्ट का काम करना पड़ता है! यहां अस्पताल फ्रंट से तो चमकदार है, लेकिन यहां के बाथरूम और शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है, किसी को फ्रेश होना है तो, बाहर से बाल्टी भर कर लाना पड़ता है। पांच पलंग है पर मरीजो के काम में शायद ही कभी आए हों! सामने की दीवार चमकती है,साइड और पिछे की दीवारों का शायद कभी कलर ही नहीं करवाया है। पानी में डालकर कीड़े मारने वाले पावडर और कुछ जरूरी मेडिसिन एक्सपायर हो जाती है। लेकिन लोगों के काम नहीं आती। हर्बल गार्डन भी बनाया है,जो आप विडीयो में देखकर सरकारी पैसे की बरबादी का अंदाजा लगाइए। लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, इस आरोग्य मंदिर पर हर वर्ष, लेकिन हालात बिगड़ते जाते हैं। यहां सीसीटीवी कैमराज लगा है, उसके फुटैज खंगाले जाएं तो, यहां की अव्यवस्था लापरवाही और भ्रष्टाचार साफ़ नज़र आ जाएंगे। इस सम्बन्ध में शिकायत भी की गई थी व्यवस्था जल्दी दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया, शिकायतकर्ता दशरथ राठौड़ ने बताया शिकायत रविवार बंद करने के दुसरे दिन सोमवार , मंगलवार डाक्टर साहब अस्पताल में नहीं आए।