नीमच। शहर में बुधवार को जैन समाज के दो प्रमुख संतों का एक साथ आगमन हुआ। आचार्य नवरत्न सागर जी के शिष्य रत्न युवाचार्य विश्वरत्न सागर जी महाराज और राष्ट्र संत ललित प्रभ सागर जी महाराज का जैन भवन पर मिलन हुआ। पारसमल केसरीमल छाजेड़ परिवार द्वारा नवकारसी का आयोजन किया गया। इसके बाद जैन भवन से नगर प्रवेश की शुरुआत हुई। जुलूस वीर पार्क रोड से होते हुए कमल चौक, घंटाघर और भीड़भंजन जिनालय के रास्ते टाउन हॉल सभागार पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोगों ने जुलूस में शिरकत की। जैन समाज की सैकड़ो महिला-पुरुष भरी दोपहरी में 2 किलोमीटर पैदल चली। सकल जैन समाज और श्री जैन श्वेतांबर भीड़भंजन पारसनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल नागौरी ने इस मिलन को नीमच के लिए सौभाग्यशाली बताया। उन्होंने कहा कि दोनों संतों के अलग-अलग आमनाओं के बावजूद एक ही स्थान पर सार्वजनिक प्रवचन का आयोजन विशेष है। राष्ट्र संत ललित प्रभ सागर जी महाराज 28 अप्रैल को नीमच में मां मांगलिक का श्रवण करेंगे। उनका आगामी चातुर्मास हैदराबाद में होगा। टाउन हॉल में दोनों संतों ने सामूहिक प्रवचन दिए। कार्यक्रम का आयोजन सकल जैन समाज और ट्रस्ट की ओर से किया गया।