भोपाल। मोहन सरकार ने 13 साल बाद प्रदेश के 7.50 लाख कर्मचारियों के सात भत्तों में बढ़ोत्तरी की है। इससे कर्मचारी खुश थे, पर वित्त विभाग ने सारी खुशी पर पानी फेर दिया। वित्त ने पांच भत्तों के तो आदेश कर दिए, पर वाहन और विकलांगता भत्ता के आदेश नहीं किए। इससे कर्मचारी नाराज हैं। दरअसल, कैबिनेट के निर्णय के अनुसार इन भत्तों का लाभ अप्रैल पेड मई माह के वेतन से ही दिया जाना है और जब आदेश नहीं होंगे, तो लाभ भी नहीं मिलेगा।
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि-
अप्रैल का महीना समाप्ति की ओर है। 13 साल से जो भत्ते नहीं बढ़ाए गए थे, उन भत्तों में वृद्धि सरकार ने की, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ता देने के आदेश जारी न होने पर अप्रैल के वेतन में इनका लाभ मिलना प्रतीत नहीं हो रहा है। प्रदेश के सभी विभागों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में 13 साल के इंतजार के बाद बढ़ाए गए भत्ते के भुगतान के आदेश नहीं होने से कर्मचारियों को महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री से वाहन भत्ता एवं विकलांगता भत्ता के आदेश जल्द जारी कराने का आग्रह है ताकि कर्मचारियों को भत्तों का लाभ मिल सके।
नए वित्त वर्ष में 1 अप्रैल 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में 13 साल बाद मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों के हित में फैसला करते गृह भाड़ा भत्ता, स्थाई यात्रा भत्ता, अनुग्रह भत्ता, दोहरा कार्य भत्ता, अव्यवसायिक वाहन भत्ता, विकलांग भत्ता में वृद्धि की मंजूरी दी थी। 3 अप्रैल को वित्त विभाग ने भत्ते देने के आदेश जारी कर दिए, पर वाहन भत्ता 200 से 384 रुपए एवं विकलांग भत्ता 350 से 675 रुपए करने के आदेश नहीं किए।