कुकड़ेश्वर। नगर से करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम महेशपुरिया के किसान घीसालाल रावत को उस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा जब उन्होंने समय से पूर्व किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का ऋण चुकता करने के बावजूद समर्थन मूल्य पर बेचे गए गेहूं के बिल से कटौती कर दी गई।
किसान घीसालाल रावत ने दिनांक 25 मार्च 2025 को 14,940 रुपये केसीसी ऋण की राशि जमा कर दी थी और इसकी विधिवत रसीद भी प्राप्त कर ली थी। इसके बावजूद, जब उन्होंने समर्थन मूल्य केंद्र पर 45 क्विंटल गेहूं की तुलाई करवाई और उनका कुल बिल 1,17,000 रुपये बना, तो उसमें से सोसायटी द्वारा बकाया ऋण दिखाकर 14,940 रुपये काट लिए गए। इस तरह किसान के खाते में केवल 1,02,060 रुपये ही डाले गए।
इस मामले में जब किसान ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया तो पता चला कि जिला सरकारी समिति और जिला सहकारी बैंक के कर्मचारियों द्वारा किसान के खाते में जमा की गई केसीसी राशि को कंप्यूटर में अपडेट नहीं किया गया था। इसके चलते यह तकनीकी गड़बड़ी हुई है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कुकड़ेश्वर के प्रबंधक आशीष कुमार दुर्ग ने बताया कि, “ऐसी समस्या 5-6 किसानों के साथ सामने आई है। हमने मंदसौर ब्रांच और उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी है। यह तकनीकी समस्या भोपाल मुख्यालय से ही हल होगी।”
किसानों की इस प्रकार की समस्याएं उनके विश्वास को तोड़ती हैं और प्रशासनिक लापरवाही का एक और उदाहरण बनकर सामने आती हैं। किसान संगठनों ने मांग की है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और किसानों को उनका पूर्ण भुगतान तत्काल किया जाए।