बालाघाट। मध्य प्रदेश में पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। इस मामले में पीएचई मंत्री संपतिया उइके का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अभी से जल स्तर 3 इंच नीचे चले गया है। कुआ, तालाब सुख रहे हैं। मंत्री ने लोगों ने अपील करते हुए कहा कि जल बचाने के लिए सभी आगे आएं।
पीएचई मंत्री उइके ने कहा कि 55 जिले के 44 जिलों का भ्रमण कर पेयजल स्थिति का आंकलन किया गया है। बालाघाट में भी समीक्षा कर पेयजल को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मंत्री ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि जितनी आवश्यकता उतना ही अनाज उगाए। क्योंकि ज्यादा फसल के लिए ज्यादा पानी लगता है।
मंत्री उइके ने कहा कि किसान गर्मी में फसल रकबा कम करें। उन्होंने जल गंगा सवर्धन अभियान को लेकर कहा कि इस अभियान में सभी सहभागिता करें और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें। 2024 में हर घर जल पहुंचाने का लक्ष्य था। लेकिन अब 2027 तक प्रधानमंत्री ने घर-घर जल पहुंचाने के लिए निर्देश दिए हैं।