खनियांधाना। थाना क्षेत्र अंतर्गत बामौरकलां के बड़ी बामौर रोड पर शिनावल टोरिया चक जनकपुर में उस समय हड़कंप मच गया जब रामविहारी तिवारी के खेत में नरवाई जलने से भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेज थी कि आसपास के कई खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पास ही स्थित एक मंदिर परिसर भी आग की लपटों से घिर गया और वहां लगे पेड़-पौधों समेत मंदिर को भी नुकसान पहुंचा।
स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए फायर ब्रिगेड को सूचना दी। काफी मशक्कत और घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। गनीमत रही कि समय पर प्रयास किए गए, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
यह घटना प्रशासन की लापरवाही और चेतावनियों की अनदेखी को भी उजागर करती है। जबकि शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने स्पष्ट अपील की थी कि कोई भी किसान अपने खेत की नरवाई न जलाए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके क्षेत्र में नरवाई जलाने पर न तो निगरानी की जा रही है और न ही पहले से रोकथाम के कोई इंतजाम किए गए थे।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन केवल अपील करने तक सीमित है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सख्त कार्रवाई या जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया। यह घटना न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को भी खतरे में डालने वाली है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को लेकर कितनी तत्परता दिखाता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।