उज्जैन। आने वाले 2028 कुम्भ को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। तेरह अखाड़ों के संत-महंत और उनकी छावनी में लगने वाली धर्मध्वजा के लिए वन विभाग ने सात साल पहले ही एक साथ 50 हजार बांस के पौधे लगाए थे, जो अब करीब 20 फीट के हो चुके हैं। आने वाले कुम्भ में इनकी ऊंचाई करीब 30 से 35 फीट होने की संभावना है। ये बांस कुम्भ में धर्मध्वजा लगाने के काम आएंगे।
सिंहस्थ कुम्भ 2028 में करीब 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। कुम्भ में बड़ी संख्या में साधु-संत भी आएंगे, जो अपने टेंट लगाएंगे, अखाड़े छावनी बनाएंगे और साधु-संतों की कुटिया भी लगेगी। सभी अखाड़ों व साधु-संतों के लिए 30 फीट ऊंचे बांस उज्जैन वन मंडल द्वारा निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
26.49 एकड़ में बांस का जंगल उगाया गया
डीएफओ वन विभाग पी.डी. ग्रैबरियल ने बताया कि भैरवगढ़ मार्ग पर शिप्रा नदी के किनारे 26.49 एकड़ में बांस का जंगल उगाया गया है। सात साल से वन विभाग इनकी देखभाल कर रहा है। ये बांस 20 से 25 फीट ऊंचे हो चुके हैं और अगले दो सालों में इनकी ऊंचाई 30 फीट से ज्यादा हो जाएगी।
सिंहस्थ महापर्व के तीन महीने पहले इन बांसों की कटाई कर उन्हें व्यवस्थित किया जाएगा और वन मंडल इन्हें कलेक्टर व मेला अधिकारी को सौंप देगा, ताकि उनके माध्यम से सम्पूर्ण सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 13 अखाड़ों समेत जितने भी साधु-संत आएं, सभी को धर्मध्वजा लहराने के लिए बांस भेंट किए जा सकें।
धर्मध्वजा के बांसों की खासियत, शिप्रा नदी के जल से सींचे गए
वन मंडल ने धार्मिक महत्व और आस्था को ध्यान में रखकर ये बांस उगाए हैं। टीम के साथ इनकी देखरेख कर रहे डिप्टी रेंजर अनिल सैनी ने बताया कि नदी किनारे 10.72 हेक्टेयर (26.49 एकड़) में बांस का पूरा जंगल है, जिसे शिप्रा नदी के जल से ही सिंचित किया गया है। इससे इन बांसों का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है।
ढाई हजार हेक्टेयर क्षेत्र में लहराएगी सनातनी धर्म ध्वजाएं
कुल 5600 बांस के पौधों का प्लांटेशन किया गया था। एक बांस के पेड़ से 20 से 25 बांस निकलते हैं। इस प्रकार लगभग 50 हजार बांस तैयार होंगे, जिससे सिंहस्थ का पूरा ढाई हजार हेक्टेयर क्षेत्र सनातनी धर्म ध्वजाओं से लहराएगा और सिंहस्थ व उज्जयिनी के धार्मिक महत्व को और अधिक बढ़ाएगा।