नीमच। विपरीत परिस्थितियों में कैसे काम किया जाता है, यह पाठ हमें वीरांगना अहिल्यादेवी होलकर के जीवन और व्यक्तित्व से सीखने को मिलता है। लोकमाता महारानी अहिल्या देवी ने सती प्रथा और कुरीतियों के खिलाफ जीवन पर्यंत संघर्ष किया।
यह बात पीजी कॉलेज के प्रोफेसर डॉक्टर संजय जोशी ने मुख्य अतिथि के रूप में अहिल्यादेवी होलकर के 300 वे जन्मजयंति के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। आज उन्होंने नीमच सिटी स्थित महारानी लक्ष्मी बाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं को संबोधित किया। डॉ संजय जोशी ने कहा कि अहिल्या देवी अपनी विलक्षण प्रतिभा के चलते मल्लेराव होलकर परिवार की बहू बनी। उन्होंने शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उस जमाने में खासा काम किया।
बताते चलें कि वर्तमान में विद्यालय में छात्राओं के लिए समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें छात्राओं को ध्यान, योग, कला, हस्तकला, जूट वर्क प्रोडक्ट, स्पोकन इंग्लिश आदि का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। आज के कार्यक्रम में प्राचार्य बालकिशन बनौधा, हेमलता वर्मा, नीलू पाटीदार और छात्राएं मौजूद रही।