मुरैना। जौरा कस्बा और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों बिजली संकट ने आमजन की परेशानियां बढ़ा दी हैं। भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि जब इस्लामपुरा बजरंग गली में करीब 10 दिन बाद नया ट्रांसफॉर्मर लगाया गया, तो स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उसका स्वागत किया।
इस्लामपुरा बजरंग गली में खराब पड़े डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (डीपी) को बदलने में विभाग ने दस दिन लगा दिए। जब नया ट्रांसफॉर्मर लाया गया तो मोहल्लेवासियों ने उसे फूल मालाओं से सजाया और ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई। स्थानीय निवासी अमित चौहान ने कहा, “बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए त्योहार जैसा स्वागत करना मजबूरी बन गया है। यह विभाग की असफलता का मजाक है।
अघोषित कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त
जौरा नगर सहित आसपास के गांवों में रोजाना घंटों बिजली गुल रहती है। खासकर दोपहर और रात के समय अघोषित कटौती से लोग बेहाल हैं। गर्मी के कारण बुजुर्गों और बच्चों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। स्थानीय व्यापारी दिनेश जैन ने बताया, “बिजली बिना सूचना के कट जाती है। घर के काम तो प्रभावित होते ही हैं, व्यापार भी ठप पड़ रहा है।
इधर, शहर से सटे आलापुर गांव में तो स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां रोजाना लगभग 15 घंटे तक बिजली नहीं रहती। ग्राम सरपंच मंजू राजकुमार यादव ने कहा, “बिजली विभाग पूरी तरह मनमानी कर रहा है। ग्रामीणों को न पानी मिल पा रहा है, न पंखा चलाने की सुविधा। छोटे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।
कारोबार पर भी असर, पेट्रोल पंप ठप
बिजली संकट का असर व्यवसायों पर भी पड़ा है। मनीष पेट्रोल पंप के संचालक मनीष सिंघल ने बताया, “एक फेस की सप्लाई बंद होने से पंप की मशीनें नहीं चल पा रही हैं। ग्राहक घंटों इंतजार करते हैं। विभाग से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
बिजली संकट को लेकर न तो स्थानीय प्रशासन की कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने आई है और न ही बिजली विभाग की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। लगातार कटौती, ट्रांसफॉर्मर खराबी और अनियमित आपूर्ति ने लोगों को नाराज कर दिया है।