नीमच। सीआरपीएफ की जन्मस्थली नीमच में बीती शाम देशभक्ति की भावना से सराबोर हो उठी जब सिंदूर शौर्य मशाल यात्रा के माध्यम से मातृशक्ति ने अपने वीर सपूतों को नमन किया। महिला समन्वय द्वारा आयोजित इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं सीआरपीएफ आईजी की धर्मपत्नी रजनी दत्ता।
अपने संबोधन में रजनी दत्ता ने कहा कि देश के प्रति सैनिकों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने आह्वान किया। उन्होंने कहा आप अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर जरूर बनाएं, लेकिन देश की रक्षा के लिए एक बेटा फौज में जरूर भेजें। रजनी दत्ता ने गर्व से कहा- फौजी की पत्नी होना जीवन का सबसे बड़ा गौरव है। अगर फिर जन्म मिले, तो हर जन्म में हम सैनिक की पत्नी बनना चाहेंगे। उन्होंने मातृभूमि की महिमा को सर्वाेच्च बताया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की छवि पर माल्यार्पण से हुई। मशाल यात्रा सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा से घोष वादन के साथ आरंभ हुई। महिला समन्वय की सिंदूर शौर्य मशाल यात्रा के माध्यम से भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। प्रियल राठौर, भारत माता की वेशभूषा में इस यात्रा की विशेष आकर्षण रहीं। सुमन शर्मा और सरोज गांधी ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर फौजियों की पत्नियों का विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन सरोज गांधी किया और समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
कार्यक्रम में स्वाति चोपड़ा वंदना खंडेलवाल मीना जयसवाल आशा सूद लक्ष्मी प्रेमाणी, निर्मला अग्रवाल, ममता गर्ग, हेमलता धाकड़ और बड़ी संख्या में सर्व समाज की महिलाएं मौजूद रही। इस आयोजन से एक सशक्त संदेश मिला- हमारी माताएं केवल जीवन नहीं देतीं, वे राष्ट्र की रक्षक पीढ़ी भी गढ़ती हैं।