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May 25, 2025, 12:18 pm
BIG NEWS : रेप पीड़िता नाबालिग बच्चे को दे सकती है जन्म, एमपी हाईकोर्ट का निर्देश, दुष्कर्म से जन्मे बच्चों को मिले भोजन, शिक्षा, सुरक्षा, सरकार बनाए पॉलिसी, पढे़ खबर

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जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि दुष्कर्म या यौन शोषण से जन्मे बच्चों के लिए सरकार को खाने, रहने और पढ़ाई की सुविधा देने की योजना बनानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर नाबालिग पीड़िता और उसके माता-पिता बच्चे को किसी को देना चाहते हैं, तो सरकार को इससे जुड़े नियम आसान बनाने चाहिए।


दरअसल, मामला मंडला की एक नाबालिग लड़की का है, जो दुष्कर्म की शिकार हो गई और गर्भवती हो गई। उसने हाई कोर्ट से अपील की कि वह बच्चे को जन्म देना चाहती है। कोर्ट ने उसकी बात मानी और सरकार को मदद करने का आदेश दिया।


मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया कि गर्भ में पल रहा बच्चा लगभग 30 हफ्तों का है और गर्भपात करने से पीड़िता की जान को खतरा हो सकता है। इसलिए सेशन कोर्ट ने मामला हाई कोर्ट को भेजा था।


पीड़िता और उसके बच्चे की पहचान गोपनीय रहे
जस्टिस विनय सराफ ने कहा कि अगर कोई नाबालिग बच्चा जन्म देना चाहती है, तो सरकार को उसकी हरसंभव मदद करनी चाहिए। साथ ही कोर्ट ने कहा कि बच्चे की 12वीं तक की पढ़ाई का खर्च भी सरकार उठाए। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि पीड़िता और उसके बच्चे की पहचान किसी भी स्थिति में उजागर नहीं होनी चाहिए।


कोर्ट ने यह भी कहा कि मेडिकल बोर्ड सिर्फ कानून के नियमों तक न रुके, बल्कि महिला की मानसिक और शारीरिक स्थिति को भी समझे। साथ ही, अगर कोई राय बदलनी हो, तो उसका कारण भी बताना जरूरी है। सबसे अहम बात यह है कि गर्भपात की अनुमति देने या न देने में महिला की सहमति सबसे ज्यादा मायने रखती है।

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