भोपाल। मध्यप्रदेश में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर सुधार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, पुलिस मुख्यालय द्वारा लंबे समय से एक ही थाने में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण (ट्रांसफर) को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। इस संबंध में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने जानकारी दी है।
डीजीपी के अनुसार, प्रत्येक पुलिसकर्मी के सेवा काल का परीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही थानों में पुनः पदस्थापना, अटैचमेंट और अनुभागीय पदस्थापना को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों की कार्यप्रणाली को प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने तथा कार्यक्षमता में वृद्धि हेतु यह निर्णय लिया गया है कि एक ही थाने में लंबे समय से पदस्थ अधिकारी और कर्मचारियों को हटाया जाएगा।
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि किसी एक थाने में किसी भी कर्मचारी की एक ही पद पर अधिकतम पदस्थापना अवधि सामान्यतः 4 वर्ष और अधिकतम 5 वर्ष से अधिक नहीं होगी। उपरोक्त अवधि पूरी होने के बाद किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को पुनः उसी थाने में उसी पद पर पदस्थ नहीं किया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी को किसी थाने में अलग-अलग पदों पर पुनः पदस्थ किया जाना हो तो उसकी पिछली पदस्थापना के कम से कम 3 वर्षों के अंतराल के बाद ही ऐसा किया जाए।
किसी भी कर्मचारी (आरक्षक से उपनिरीक्षक स्तर तक) की एक ही अनुविभाग (सबडिवीजन) में विभिन्न पदों पर कुल पदस्थापना अवधि 10 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उपरोक्त कुल सेवा काल में स्थानांतरण के साथ-साथ अटैचमेंट की अवधि को भी जोड़ा जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने पूर्व में भी इस विषय पर परिपत्र जारी किए थे, लेकिन यह पाया गया कि उन निर्देशों का पूर्ण पालन नहीं हो रहा था। इसलिए अब एक बार फिर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे थानों में कार्यरत स्टाफ के बीच समय-समय पर बदलाव हो और आम जनता को निष्पक्ष और बेहतर पुलिस सेवा मिल सके।