नीमच। मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है, क्योंकि यहां लगभग 200 नदियों के उद्गम स्थल स्थित हैं। प्रदेश में जल संसाधनों की भरपूर उपलब्धता है, जिसे संरक्षित करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरुवार को नीमच जिले के जावद विकासखंड के ग्राम महेन्द्री स्थित वानरखोह में गंभीरी नदी के उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना कर जलगंगा संवर्धन अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
मंत्री पटेल ने कहा कि जलगंगा संवर्धन के तहत नदियों, नालों एवं जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पंचायत पदाधिकारियों और उपस्थित ग्रामीणजनों से अपील की कि वे नदियों को अविरल प्रवाहित रखने हेतु समर्पित होकर कार्य करें। वर्षा जल से जल स्रोतों का पुनर्भरण (रीचार्ज) करना, वृक्षारोपण करना एवं पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आज की आवश्यकता है।
मंत्री पटेल ने श्री हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और अभिषेक कर गंभीरी नदी के उद्गम स्थल पर भी विशेष पूजा की। क्षेत्रीय सरपंचों ने मंत्री पटेल एवं अन्य अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया। मंत्री पटेल ने बताया कि जलगंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत वे अब तक प्रदेश की 71 नदियों के उद्गम स्थलों का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम आज जल स्रोतों का संरक्षण करेंगे, पौधारोपण कर उनकी रक्षा करेंगे, तो आने वाले समय में जल संकट से बचा जा सकेगा।
इस अवसर पर विधायक ओमप्रकाश सखलेचा (जावद), विधायक दिलीप सिंह परिहार (नीमच), जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण, नगर पालिका नीमच की सभापति वंदना खंडेलवाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य पवन पाटीदार, जनपद सदस्य मंजूबाई, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, एसडीएम प्रीति संघवी, एसडीओ वन दशरथ अखंड, जसवंत बंजारा, अर्जुन माली, सरपंच मिश्रीलाल सहित त्रिस्तरीय पंचायतों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान नीमच के साहित्यकार संजय शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक ष्गंभीरी नदी की गौरव गाथाष् की प्रतियां अतिथियों को भेंट की गईं।