नीमच। शहर में सिंधी पुनर्वास से जुड़ी ज़मीन का विवाद लगातार गहराता जा रहा है, जिसमें अब एक नया मोड़ आ गया है। इस मामले में ज़मीन के खरीदार और पटवा परिवार आमने-सामने आ गए हैं और नगरपालिका पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
ज़मीन खरीदने वाले योगेश्वर वर्धानी का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका से विधिवत अनुमति लेने के बाद ही बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया है। उनका यह बयान तब आया जब मौके पर पटवा परिवार भी पहुंचा और उन्होंने ज़मीन से जुड़े दस्तावेज़ों की पड़ताल की। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कैंट थाने तक जा पहुंचा।
इस पूरे प्रकरण में संपत पटवा ने नगर पालिका के ज़िम्मेदारों पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। पटवा का साफ तौर पर कहना है कि ज़मीन का नामांतरण फर्जी तरीके से किया गया है। उन्होंने बताया कि उनका शंकरलाल के साथ इस ज़मीन को लेकर एक एग्रीमेंट था, लेकिन शंकरलाल ने नियमों और शर्तों के विपरीत जाकर ज़मीन की खरीदी-बिक्री कर दी। संपत पटवा ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है, जो इस विवाद की गंभीरता को और बढ़ा देता है।
यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस ज़मीन विवाद में क्या नया मोड़ आता है और न्यायालय का क्या निर्णय होता है।